यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tomato Price: और भी सस्ता हुआ टमाटर, 20 अगस्त से 40 रुपये प्रति किलो की दर से होगा उपलब्ध
भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (NAFED) 20 अगस्त से टमाटर को 40 रुपये प्रति किलो ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। थोक और खुदरा बाजारों में रसोई के मुख्य खाद्य पदार्थों की गिरती कीमत के बीच सहकारी समितियां एनसीसीएफ और नाफेड 20 अगस्त से 40 रुपये प्रति किलोग्राम की कम दर पर टमाटर बेचना शुरू कर देंगे।
पिछले महीने से, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (NAFED) मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से रियायती दर पर टमाटर बेच रहे हैं। आइए, पूरी खबर के बारे में जान लेते हैं।
.jpg)
20 अगस्त से सस्ते हो जाएंगे टमाटर
टमाटार की कीमतों में हुई महंगाई को लगातार कम करने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआत में सब्सिडी वाली दर 90 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई थी, जिसे उपभोक्ताओं को लाभ सुनिश्चित करने के लिए कीमतों में गिरावट के अनुरूप क्रमिक रूप से कम किया गया था।
एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को कहा गया कि अंतिम बार खुदरा कीमत में संशोधन 15 अगस्त को 50 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया था, जो अब 20 अगस्त से घटकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाएगा।
.jpg)
दोनों एजेंसियों ने बेचे 15 लाख किलोग्राम से अधिक टमाटर
आपको बता दें कि अब तक दोनों एजेंसियों द्वारा 15 लाख किलोग्राम से अधिक टमाटर खरीदे गए हैं और देश के प्रमुख उपभोग केंद्रों में खुदरा उपभोक्ताओं को बेचे जा रहे हैं। इन स्थानों में दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान (जयपुर, कोटा), उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज) और बिहार (पटना, मुजफ्फरपुर, आरा, बक्सर) शामिल हैं। एनसीसीएफ और नेफेड आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की मंडियों से टमाटर खरीद रहे हैं।
खबरें और भी
टमाटर के दामों ने क्यों छुआ आसमान?
ऐसे कई कारण हैं, जिनकी वजह से देश में टमाटर के दामों में एकदम से इतनी उछाल आई है। मुख्य वजहों की बात करें, तो बारिश की वजह से स्थानीय स्तर पर उगने वाले टमाटर की फसल को काफी नुकसान पहुंचा और इसका सीधा असर इसकी कीमत पर आया है। जरूरत से कम आपूर्ति होने की वजह से टमाटर के दामों में एकदम से इतनी बढ़ोतरी हो गई।
