New Income Tax Rules: सरकार की तरफ से भी हो गया क्लियर, 1 अप्रैल से देश में लागू होंगे नए आयकर नियम; जारी की अधिसूचना
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर अधिनियम, 2025 के लिए नियम अधिसूचित किए हैं, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। ये नए नियम 1961 के अधिनियम की जगह ...और पढ़ें
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HighLights
नए आयकर नियम 1 अप्रैल 2026 से होंगे लागू।
HRA पर बढ़ा लाभ, मकान मालिक-किरायेदार खुलासा अनिवार्य।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को आयकर अधिनियम, 2025 के लिए नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसमें वेतन भोगियों के लिए मकान किराया भत्ते पर बढ़े हुए कर लाभ का प्रावधान है, लेकिन मकान मालिक-किरायेदार के संबंधों का खुलासा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आयकर नियम, 2026 उस सरल प्रत्यक्ष कर कानून को लागू करेंगे, जिसे पिछले साल संसद ने मंजूरी दी थी। यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में कहा गया, ''इन नियमों को आयकर नियम, 2026 कहा जा सकता है। ये एक अप्रैल, 2026 से लागू होंगे।'' संसद ने 12 अगस्त, 2025 को छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 को बदलने के लिए एक नया आयकर विधेयक पारित किया था। यह कोई नई कर दर लागू नहीं करता है, बल्कि केवल भाषा को सरल बनाता है।
क्या-क्या घटाया?
जटिल आयकर कानूनों को समझने के लिए ऐसा करना आवश्यक था। इस अधिनियम ने अनावश्यक प्रावधानों और पुरानी भाषा को हटा दिया है और आयकर अधिनियम, 1961 की 819 धाराओं को घटाकर 536 और अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी है।
नए आयकर विधेयक में शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है, और स्पष्टता बढ़ाने के लिए 1961 के कानून के बोझिल पाठ के स्थान पर पहली बार 39 नई तालिकाएं और 40 नए सूत्र पेश किए गए हैं।
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क्या-क्या लाभ मिलेगा?
नए नियमों में पूंजीगत लाभ, शेयर बाजार के लेनदेन और अनिवासी कराधान के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जबकि अन्य खुलासा प्रणाली को सरल बनाया गया है। अधिसूचना में 150 से अधिक आधिकारिक फॉर्म पेश किए गए हैं।
किरायदार को क्या मिलेगा फायदा?
आयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले मकान किराया भत्ता (एचआरए) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं।
नए नियमों के तहत आठ शहर - मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु - वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे, जबकि अन्य सभी स्थान 40 प्रतिशत पर बने रहेंगे। इस समय मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में वेतनभोगी कर्मचारी अपने वेतन के 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट का दावा कर सकते है, जबकि अन्य स्थानों पर रहने वाले 40 प्रतिशत की निचली सीमा के लिए पात्र हैं।
नए नियमों के तहत आयकर कटौती का दावा करने के लिए किरायेदार-मकान मालिक के संबंधों के बारे में जानकारी देना जरूरी है और इसमें विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट दावों के लिए लेखा परीक्षकों और कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। इसमें पैन के दोहरीकरण और प्रतिकूल ऑडिट टिप्पणी से पैदा होने वाली कर देनदारी की जांच के लिए लेखा परीक्षकों को अधिक जिम्मेदारी दी गयी है।