NPS सब्सक्राइबर्स के लिए गुड न्यूज! मोदी सरकार का बड़ा फैसला, निवेश के लिए मिलेंगे ये 2 नए दमदार विकल्प
NPS: केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत केंद्रीय स्वायत्त निकायों (CAB) के कर्मचारियों के लिए दो नए निवेश विकल्प - एग्रेसिव लाइफ साइकिल फ ...और पढ़ें

NPS में पैसा लगाने वालों की बल्ले-बल्ले!
HighLights
CAB कर्मचारियों के लिए NPS में 2 नए विकल्प।
एग्रेसिव (LC-75) और बैलेंस्ड (BLC) फंड पेश।
कर्मचारी अपनी जोखिम क्षमता अनुसार रिटायरमेंट फंड बढ़ा सकेंगे।
नई दिल्ली: अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर हैं और केंद्रीय स्वायत्त निकायों (Central Autonomous Bodies - CAB) में नौकरी करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र की मोदी सरकार ने पेंशन से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव करते हुए निवेश के दो नए और शानदार विकल्प पेश किए हैं। इन नए फंड्स की मदद से अब कर्मचारी अपने रिटायरमेंट फंड को अपनी मर्जी और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से अधिक तेजी से बढ़ा सकेंगे।
क्या हैं ये नए विकल्प?
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सरकार ने अब केंद्रीय स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों के लिए 'एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड' (LC-75) और 'बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड' (BLC) की सुविधा शुरू कर दी है। आपको बता दें कि ये दोनों निवेश विकल्प पहले सिर्फ केंद्र सरकार के सीधे कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाते हुए CAB कर्मचारियों को भी इसका फायदा दिया गया है।
क्या है इन दोनों फंड्स की खासियत?
अगर आप सोच रहे हैं कि आपका पैसा कहां और कैसे लगेगा, तो इन दोनों फंड्स का काम करने का तरीका कुछ इस तरह है:
एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड (LC-75-High): अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क लेकर तगड़ा रिटर्न कमाने की चाहत रखते हैं, तो यह फंड आपके लिए है। इसमें आपके निवेश का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार) में लगाया जाता है। यह खासतौर पर उन युवाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जिनके पास निवेश के लिए लंबा समय है और वे अधिक ग्रोथ चाहते हैं।
बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड (BLC): यह फंड उन लोगों के लिए है जो बाजार के रिस्क और अपनी पूंजी की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहते हैं। इसमें इक्विटी में निवेश की सीमा 50 फीसदी तक तय की गई है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि जब सब्सक्राइबर की उम्र 45 साल हो जाती है, तो उसके बाद इक्विटी में निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे कम होने लगता है। इससे रिटायरमेंट के करीब आने पर आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित रहता है।
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इस बदलाव के पीछे सरकार का मकसद
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अपने निवेश पर ज्यादा नियंत्रण देना है। सरकार चाहती है कि हर कर्मचारी अपनी रिस्क उठाने की क्षमता, अपनी भविष्य की जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से अपना पेंशन प्लान खुद डिजाइन कर सके। इससे कर्मचारियों के लिए NPS पहले के मुकाबले ज्यादा आकर्षक बन जाएगा।
जल्द आ रही है 'NPS हेल्थ पेंशन योजना'
पेंशन फंड रेगुलेटर (PFRDA) रिटायरमेंट को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अगले 60 से 70 दिनों के भीतर 'NPS हेल्थ पेंशन योजना' भी लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह अपनी तरह का पहला ऐसा प्रोडक्ट होगा जिसमें आपकी पेंशन और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों एक साथ जुड़े होंगे।
इसमें मेडिकल इमरजेंसी के लिए एक खास डेडिकेटेड पेंशन खाते की सुविधा होगी। साथ ही, पेंशन फंड्स द्वारा बीमा कंपनियों के साथ मिलकर 'टॉप-अप' हेल्थ इंश्योरेंस भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बुढ़ापे में इलाज के भारी-भरकम खर्चों की टेंशन खत्म हो जाएगी।