₹2259120990 का गोल्ड... चीन नहीं, इस छोटे से देश ने खरीद डाला 18000 किलो सोना; क्यों मची है Gold खरीदने की होड़?
केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी में पोलैंड ने चीन को पीछे छोड़ दिया है, मई में 18 टन सोना खरीदा जबकि चीन ने 10 टन। सिंगापुर जैसे छोटे देशों ने भी अ ...और पढ़ें

दुनिया भर के बैंक क्यों बढ़ा रहे गोल्ड स्टॉक?
HighLights
पोलैंड ने मई में 18 टन सोना खरीदा।
सिंगापुर समेत कई छोटे देशों ने भी गोल्ड रिजर्व बढ़ाए।
भू-राजनीतिक तनाव के कारण केंद्रीय बैंक सोने में निवेश कर रहे।
नई दिल्ली: अगर आपको लगता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना ( Gold) सिर्फ चीन (China) खरीद रहा है, तो आपको अपनी जानकारी अपडेट करने की जरूरत है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ( WGC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की खरीदारी में एक यूरोपीय देश ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है, और सिंगापुर जैसे छोटे देशों ने भी गोल्ड रिजर्व ( Gold Reserve) बढ़ाने में तेजी दिखाई है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल द्वारा जारी मई 2026 के हालिया डेटा (Central bank gold statistics) से पता चलता है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) का सोने के प्रति आकर्षण कम नहीं हो रहा है। आइए जानते हैं कि इस बार गोल्ड मार्केट में किस देश का दबदबा रहा।
पोलैंड निकला चीन से आगे
मई महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने कुल मिलाकर 41 टन (Net 41t) सोना खरीदा। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम पोलैंड (Poland) का रहा। नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड ने मई में 18 टन सोना खरीदा, जो चीन के पीपुल्स बैंक (10 टन) से कहीं ज्यादा है।
इस साल अब तक पोलैंड 64 टन सोना खरीद चुका है और वह अपने '700 टन गोल्ड रिजर्व' के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं, चीन ने भी 20वें महीने लगातार खरीदारी करते हुए अपने भंडार में 10 टन का इजाफा किया है।
सिंगापुर समेत इन छोटे देशों ने भी दिखाया दम
सिर्फ बड़े देश ही नहीं, बल्कि कई छोटे देश भी अपने खजाने को सोने से भर रहे हैं।
* सिंगापुर: मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर (MAS) ने सितंबर 2025 के बाद पहली बार सोने की नेट खरीदारी की है। सिंगापुर ने 4 टन सोना खरीदा है, जिसके साथ ही उसका कुल गोल्ड होल्डिंग 197 टन हो गया है। सिंगापुर भविष्य में एक बड़ा 'गोल्ड हब' बनने की तैयारी कर रहा है।
* इसके अलावा उज्बेकिस्तान (9 टन), कजाकिस्तान (7 टन), चेक रिपब्लिक (2 टन) और जॉर्डन (1 टन) जैसे देशों ने भी जमकर सोने की खरीदारी की है।
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क्या है सेंट्रल बैंकों का आगे का प्लान?
आखिर ये बैंक इतना सोना क्यों खरीद रहे हैं? 'सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026' के अनुसार, 89% केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक गोल्ड रिजर्व में भारी वृद्धि होगी। 45% बैंकों ने तो यहां तक कहा है कि वे खुद अपने संस्थानों का गोल्ड रिजर्व बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
दक्षिण कोरिया और लैटिन अमेरिका भी रेस में शामिल
जहां एक तरफ बैंक सीधे तौर पर सोना (OTC मार्केट से) खरीद रहे हैं, वहीं बैंक ऑफ कोरिया (Bank of Korea) ने गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में निवेश करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके अलावा चिली, ग्वाटेमाला, बोलीविया और उरुग्वे जैसे लैटिन अमेरिकी देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी सोने में अपनी दिलचस्पी बढ़ानी शुरू कर दी है।
किसने बेचा अपना सोना?
जहां पूरी दुनिया सोना खरीदने में जुटी है, वहीं रूस (Russia) और तुर्की (Turkey) ने इस महीने सोना बेचा है। रूस के सेंट्रल बैंक ने 6 टन जबकि तुर्की ने 3 टन सोना अपने रिजर्व से कम किया है।
बदलते भू-राजनीतिक हालात (Geopolitical Tensions) और डॉलर की अनिश्चितता के बीच, दुनिया के तमाम देश अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने के लिए सोने (Gold) की तरफ लौट रहे हैं।