NPS सब्सक्राइबर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! PERDA ने बदला नियम, जानिए कैसे अब आपको मिलेगा ज्यादा फायदा?
NPS Big Update: PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 'सेम-डे इन्वेस्टमेंट' के लिए कट-ऑफ टाइमिंग को सुबह 11 बजे से बढ़ाकर दोपहर 1:30 बजे कर दिया है। ...और पढ़ें

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HighLights
PFRDA ने NPS में निवेश का कट-ऑफ बढ़ाया।
अब दोपहर 1:30 बजे तक मिलेगा सेम-डे NAV।
निवेशकों को मिलेगा अतिरिक्त समय और बेहतर रिटर्न।
नई दिल्ली: अगर आप अपने सुरक्षित भविष्य और रिटायरमेंट के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटर और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS में निवेश के नियमों में एक बड़ा और फायदेमंद बदलाव किया है।
क्या है नया नियम?
PFRDA ने 'सेम-डे इन्वेस्टमेंट' (उसी दिन के निवेश) के लिए कट-ऑफ टाइमिंग (Cut-off timing) को बढ़ा दिया है। अब NPS सब्सक्राइबर्स को सेम-डे NAV (Net Asset Value) पाने के लिए दोपहर 1:30 बजे तक का समय मिलेगा। इससे पहले यह कट-ऑफ टाइमिंग सुबह 11:00 बजे तक ही थी।
सब्सक्राइबर्स को क्या होगा फायदा?
कट-ऑफ टाइमिंग बढ़ने से अब निवेशकों को अपना पैसा जमा करने के लिए पूरे ढाई (2.5) घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा। यदि आपका फंड दोपहर 1:30 बजे तक ट्रस्टी बैंक (Trustee bank) में पहुंच जाता है और सफलतापूर्वक मैच हो जाता है, तो आपको उसी दिन क्लोजिंग NAV के आधार पर यूनिट्स अलॉट कर दी जाएंगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशकों का पैसा बिना देरी के बाजार में जल्दी निवेश हो सके। इससे फंड के बेकार पड़े रहने का समय कम होगा और लंबी अवधि ग्राहकों को बेहतर रिटर्न मिल सकेगा।
किन माध्यमों पर लागू होगा नया नियम?
यह नया नियम NPS में निवेश के लगभग सभी लोकप्रिय और मान्यता प्राप्त चैनलों पर समान रूप से लागू होगा। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
* eNPS (ई-एनपीएस)
* D-Remit (डी-रेमिट)
* UPI (यूपीआई)
* BBPS (भारत बिल पेमेंट सिस्टम)
* PoPs (पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस) और सरकारी नोडल ऑफिस
* Tatkal NPS और STAR NPS
ध्यान रखने वाली अहम बात
PFRDA ने स्पष्ट किया है कि केवल दोपहर 1:30 बजे से पहले फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कर देना काफी नहीं है। सेम-डे NAV का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि आपका पैसा हर हाल में दोपहर 1:30 बजे तक ट्रस्टी बैंक के खाते में सफलतापूर्वक जमा हो जाए। इसलिए, ग्राहकों और सर्विस प्रोवाइडर्स को बैंकिंग प्रोसेसिंग के समय का ध्यान रखते हुए समय से पहले ट्रांसफर करने की सलाह दी गई है।