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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या आपके पास भी है एक सेविंग अकाउंट, जान लीजिए इसके नफा और नुकसान; जरा-सी गलती से खाली हो सकता है खाता

    By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Fri, 02 Jun 2023 09:00 PM (GMT+05:30)

    Secure Online Banking आज के टाइम में हम एक टैप के जरिये से बड़ी सी पेमेंट कर सकते हैं। लेकिन अगर आपके पास एक ही सेविंग अकाउंट है तो आप कभी भी कंगाल हो ...और पढ़ें

    Secure Online Banking: How to secure online banking account?
    Secure Online Banking: How to secure online banking account?

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। डिजिटलीकरण ने बैंकिंग सेक्टर को आगे बढ़ाया है। इससे अब बड़ी आसानी से वित्तीय लेनदेन किया जा सकता है, लेकिन जिस तरह डिजिटल बैंकिंग का विस्तार हो रहा है उसके साथ ऑनलाइन बैंकिंग की धोखाधड़ी में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

    वित्त मंत्रालय के अनुसार, 2022-23 में देश में यूपीआई लेनदेन के 95,000 से ज्यादा के फ्रॉड के मामले दर्ज हुए हैं। इससे एक बात साफ होती है कि देश में यूपीआई धोखाधड़ी से संबंधित मामले बढ़ रहे हैं।

    हर समय सावधानी जरूरी

    अगर आप यूपीआई धोखाधड़ी से होने वाले फ्रॉड को देखें तो यह धोखाधड़ी की बड़ी तस्वीर का एक छोटा-सा हिस्सा ही है। ऑनलाइन ठग फिशिंग, विशिंग, मालवेयर और सोशल इंजीनियरिंग हमलों से लेकर क्यूआर-कोड हेरफेर और यूपीआई से संबंधित धोखाधड़ी से आपके बैंक अकाउंट को खाली करने में कामयाबी हासिल कर लेते हैं।

    अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग करते समय सावधान रहते हैं फिर भी आपके साथ धोखाधड़ी हो जाती है तो इसका ये मतलब है कि आपको ऑनलाइन बैंकिंग बंद कर देनी चाहिए?

    ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ऑनलाइन धोखाधड़ी में आपकी सेविंग का बड़ा हिस्सा तब खो जाता है, जब आपकी सभी वित्तीय जरूरतों के लिए सिर्फ एक बैंक अकाउंट होता है। इसका आसान-सा मतलब है कि अगर आप एक ही अकाउंट से से ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो आपके साथ धोखा हो सकता है।

    एक बैंक अकाउंट के क्या हैं नुकसान?

    आप एक अकाउंट से जब हर जगह पेमेंट करते हैं तो आपकी बैंक डिटेल्स कई जगह चली जाती है। ऐसे में आपके साथ धोखा होने का चांस बढ़ जाता है। इसके साथ ही आप अपनी वित्तीय लेनदेन की सटीक जानकारी भी नहीं रख पाते हैं।

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    ऑनलाइन बैंकिंग सिक्योरिटी के लिए क्या करें

    • बैंक की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, आपको अपने मेन अकाउंट को दैनिक लेनदेन अकाउंट से अलग करना होगा। यह मूल रूप से पूरी सेविंग के नुकसान के जोखिम को कम करता है।
    • अपने मेन और दैनिक लेन-देन अकाउंट को अलग करने का मतलब है आधी लड़ाई जीतन। हालांकि, आपको अभी भी यह जरूर जान लेना चाहिए कि आपका दैनिक लेनदेन वाला खाता सुरक्षित है और आसानी से लगातार ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए सुविधाजनक है।
    • जब आप सभी तरह के लेनदेन के लिए एक ही अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं तो अपने सभी खर्चों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है।
    • जब आप सेविंग और दैनिक लेनदेन के लिए दो अलग-अलग अकाउंट का उपयोग कर रहे हैं, तो आप खर्च को आसानी से ट्रैक कर पाएंगे।
    • दैनिक लेन-देन के लिए एक अलग अकाउंट का उपयोग करने से आपकी पूरी सेविंग खोने का जोखिम भी कम हो जाता है।