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    OPS vs NPS पर बड़ा खुलासा: 8वें वेतन आयोग में बहाल होगा ओपीएस? सरकार ने संसद में पेश किया चौंकाने वाला डेटा

    Updated: Sat, 14 Mar 2026 07:24 PM (GMT+05:30)

    8th Pay Commission: संसद में सरकार ने OPS बनाम NPS पर चौंकाने वाला डेटा पेश किया है। वर्तमान में, हर 139 OPS पेंशनर्स पर केवल 1 NPS पेंशनर है। ...और पढ़ें

    OPS vs NPS पर बड़ा खुलासा: 139 ओपीएस पेंशनर्स पर सिर्फ 1 एनपीएस पेंशनर, संसद में सामने आया चौंकाने वाला डेटा

    OPS vs NPS पर बड़ा खुलासा: 139 ओपीएस पेंशनर्स पर सिर्फ 1 एनपीएस पेंशनर, संसद में सामने आया चौंकाने वाला डेटा

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    नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम बनाम नेशनल पेंशन सिस्टम (OPS vs NPS) को लेकर चौंकाने वाला सरकारी डेटा सामने आया है।

    सरकार के मुताबिक, अभी हर 139 ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पेंशनर्स पर सिर्फ 1 नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) पेंशनर है। यानी मौजूदा समय में ज्यादातर रिटायर्ड कर्मचारी अभी भी पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन पा रहे हैं।

    यह जानकारी हाल ही में संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दी। राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा के सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर 2025 तक OPS के तहत करीब 69 लाख पेंशनर्स को पेंशन मिल रही थी, जबकि NPS के तहत करीब 49,802 पेंशनर्स को भुगतान किया जा रहा है।

    NPS पेंशनर्स अभी इतने कम क्यों

    सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2004 से NPS लागू किया था। लेकिन अभी तक उस समय भर्ती हुए ज्यादातर कर्मचारी रिटायर नहीं हुए हैं। यही वजह है कि NPS के तहत पेंशन पाने वालों की संख्या अभी बहुत कम है।

    डॉ. मंजीत पटेल ने क्या बताया?

    ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत पटेल के मुताबिक, अभी जो NPS पेंशनर्स हैं, उनमें से कई ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने 1990 के दशक के आखिर में नौकरी शुरू की थी, लेकिन उनकी सेवा नियमित (regularise) NPS लागू होने के बाद हुई।

    उन्होंने बताया कि ऐसे कई मामले डाक विभाग में देखने को मिले हैं, जहां कर्मचारियों ने 1990 के दशक में काम शुरू किया लेकिन नियमित नियुक्ति 2004 के बाद हुई, इसलिए उन्हें NPS के तहत पेंशन मिल रही है।

    यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट तक, स्टाफ साइड और संगठन की मीटिंग क्या हुई बात?

    2034 के बाद बदल सकती है तस्वीर

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक सरकारी कर्मचारी की औसत सेवा अवधि 30 साल मानी जाए, तो 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारी कम से कम 2034 के आसपास रिटायर होंगे। इसका मतलब है कि अगले 10 सालों में NPS के तहत पेंशन पाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है और OPS पेंशनर्स का अनुपात कम होता जाएगा।

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    पेंशन भुगतान में देरी का क्या हाल

    सांसद की ओर से यह भी पूछा गया था कि पिछले तीन साल में NPS पेंशन भुगतान में देरी के कितने मामले सामने आए। इस पर सरकार ने बताया कि PFRDA के पास NPS पेंशन भुगतान में देरी की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

    OPS बहाली पर सरकार का रुख

    OPS बहाली को लेकर कई राज्यों में मांग उठ रही है। इस पर सरकार ने कहा कि OPS लागू करना पूरी तरह राज्यों की नीति पर निर्भर करता है। हालांकि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि अगर राज्य OPS पर वापस जाते हैं तो इसका राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    NPS में सुधार के लिए UPS विकल्प

    सरकार ने NPS में सुधार के लिए Unified Pension Scheme (UPS) का विकल्प भी पेश किया है। इसका मकसद केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद निश्चित लाभ (defined benefits) देना है।

    सरकार ने यह भी बताया कि अब NPS निकासी और एन्युटी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। इसके अलावा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और ऑनलाइन पेंशन आवेदन प्रणाली ‘भविष्य’ भी शुरू की गई है, जिससे पेंशनर्स के लिए प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है।