यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आखिर क्यों पाकिस्तान Crypto अपनाने के लिए दिखा रहा बेसब्री? इसी से होगी Gold की खरीदारी और बैंकों में लेन-देन !
पाकिस्तान सरकार क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने (Pakistan Crypto Adoption) में तेजी लाने की तैयारी में है जिसका उद्देश्य वर्चुअल करेंसीज को फाइनेंशियल सिस्टम ...और पढ़ें

नई दिल्ली। पाकिस्तान की सरकार बैंकों, फॉरेन एक्सचेंज फर्मों और गोल्ड ट्रेडिंग में क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने (Pakistan Crypto Adoption) में तेजी लाने की तैयारी में है। बीते मंगलवार को इस मामले पर पाकिस्तान में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस मामले पर चर्चा का उद्देश्य वर्चुअल करेंसीज को पाकिस्तान के फाइनेंशियल सिस्टम में इंटीग्रेट करना है।
बैठक में पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल (पीसीसी) के सीईओ बिलाल बिन साकिब ने पाकिस्तान में वर्चुअल करेंसीज के उपयोग पर एक प्रेजेंटेशन दी। मई में, साकिब को ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी पर प्रधानमंत्री का स्पेशल असिस्टेंट नियुक्त किया गया था और राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।
मगर सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में तेजी लाना चाहता है?
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Crypto को माना जा रहा फ्यूचर करेंसी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मीटिंग में कहा गया कि क्रिप्टो बदले हुए इकोनॉमिक वर्ल्ड के लिए फ्यूचर करेंसी है। मीटिंग में शामिल होने वालों के मुताबिक ऐसा लगता है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी का बड़े पैमाने पर उपयोग करने और इसे जल्द से जल्द अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने की जल्दी में है।
वैसे तो क्रिप्टोकरेंसी सालों से चलन में है, मगर फिर भी दुनिया भर के अधिकतर केंद्रीय बैंकों ने इन्हें रेगुलेट करने के किसी भी प्रयास से दूरी ही बनाए रखी है।
क्यों है पाकिस्तान को इतनी जल्दी?
सवाल ये है कि जब दुनिया भर के अधिकतर बड़े क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने से बच रहे हैं तो पाकिस्तान को इतनी हड़बड़ी क्यों है? इसके 3 बड़े कारण माने जाते हैं :
1. पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट में है। क्रिप्टोकरेंसी को अपनाकर, वो अपने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को अधिक कुशलता से ऑपरेट करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने की कोशिश कर सकता है। इससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है
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2. पाकिस्तान अब सरप्लस बिजली को बिटकॉइन माइनिंग और डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इससे ऊर्जा की बर्बादी कम होगी और विदेशी निवेश का रास्ता खुलेगा। यह कदम
न केवल ऊर्जा संकट को कम करने में मदद करेगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा
3. पाकिस्तान में युवाओं का रुझान क्रिप्टोकरेंसी की तरफ बढ़ रहा है
कानून भी बनाने की है तैयारी
9 जुलाई को, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के गवर्नर जमील अहमद ने कहा था कि वे डिजिटल करेंसी के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में हैं। साथ ही वर्चुअल करेंसीज को रेगुलेट करने के लिए कानून को अंतिम रूप भी दे रहे हैं।