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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    RBI के दिए झटके से उबर गया Paytm? सर्किट लिमिट में बड़ा बदलाव, रॉकेट बना स्टॉक

    Updated: Fri, 07 Jun 2024 04:07 PM (GMT+05:30)

    Paytm Share फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) के शेयरों में बीते कुछ महीने से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कंपनी के स्टॉक कभी फ्रेश लोअर सर्किट को टच क ...और पढ़ें

    Paytm शेयरधारकों की लग गई लॉटरी (जागरण फोटो)
    Paytm शेयरधारकों की लग गई लॉटरी (जागरण फोटो)

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) के शेयरों में बीते कुछ महीने से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कंपनी के स्टॉक कभी फ्रेश लोअर सर्किट को टच करता है तो कभी शेयर में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगता है।

    आज पेटीएम के अपर सर्किट लिमिट को लेकर अपडेट आया। पेटीएम के अपर सर्किट लिमिट में बदलाव हुआ। आपको बता दें कि आज से पेटीएम का अपर सर्किट लिमिट 10 फीसदी हो गया है।

    पेटीएम के शेयर की परफॉर्मेंस (Paytm Stock Performance)

    पिछले 1 महीने में पेटीएम के शेयर 14 फीसदी चढ़ें है। आज पेटीएम के शेयर 10 फीसदी चढ़कर 381.30 रुपये के भाव पर बंद हुआ। आज सुबह कंपनी के स्टॉक 349 रुपये प्रति शेयर पर खुला था। शेयर में आई तेजी के बाद पेटीएम का अपर सर्किट 381.30 रुपये पर लॉक हो गया।

    स्टॉक एक्सचेंज समय-समय पर सर्किट लिमिट को अपडेट करती है। अब एक्सचेंज ने पेटीएम के अपर सर्किट लिमट को 5 फीसदी से बदलकर 10 फीसदी कर दिया। जब भी शेयरों में भारी गिरावट आता है तो शेयरधारकों को ज्यादा नुकसान न हो इसके लिए स्टॉक एक्सचेंज एक लिमिट तय कर देती है। इसका मतलब है कि स्टॉक एक्सचेंज सर्किट ब्रेकर लगा देता है।

    पेटीएम पर आरबीआई का एक्शन

    इस साल की शुरुआत पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) पर एक्शन लिया था। इस एक्शन के बाद पेटीएम के स्टॉक में भारी गिरावट आई थी। जनवरी में जहां पेटीएम के शेयर की कीमत 700 रुपये से ज्यादा थी। वो आरबीआई के एक्शन के बाद 300 रुपये के करीब पहुंच गई।  

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    क्या होता है सर्किट ब्रेकर

    जब भी शेयर मार्केट या फिर किसी एक कंपनी के शेयर में भारी गिरावट आती है तो उस गिरावट से निवेशकों को ज्यादा नुकसान न हो इसके लिए सर्किट ब्रेकर लगा दिया जाता है। 2 जुलाई 2001 को स्टॉक एक्सचेंज ने इंडेक्स-बेस्ड मार्केट-वाइड सर्किट ब्रेकर लगाया था। यह ब्रेकर स्टॉक मूवमेंट को कंट्रोल करता है।

    10 फीसदी, 15 फीसदी और 20 फीसदी के उतार-चढ़ाव आने पर सर्किट ब्रेकर लगता है। यब सर्किट ब्रेकर तब लगता है जब कोई शेयर इस सीमा तो पार कर देता है।