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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Personal Loan ले रहे हैं तो ध्यान दें! बैंक आपसे इन चार्ज के नाम पर भी वसूलेगा मोटी रकम

    Updated: Sun, 19 May 2024 11:22 AM (IST)

    क्या आप जानते हैं पर्सनल लोन लेने के साथ बैंक अपने ग्राहक से हर स्टेज पर अलग-अलग तरह के चार्ज लेना शुरू कर देते हैं। लोन लेने के साथ प्रोसेसिंग चार्ज ...और पढ़ें

    Personal Loan ले रहे हैं तो ध्यान दें! बैंक लेगा एक्स्ट्रा पैसा
    Personal Loan ले रहे हैं तो ध्यान दें! बैंक लेगा एक्स्ट्रा पैसा

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। पैसों की जरूरत को लेकर पर्सनल लोन लेने का विचार बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की होने वाली है।

    क्या आप जानते हैं पर्सनल लोन लेने के साथ बैंक अपने ग्राहक से हर स्टेज पर अलग-अलग तरह के चार्ज लेना शुरू कर देते हैं। लोन लेने के साथ प्रोसेसिंग चार्ज से लेकर EMI भूलने पर तक पैसा देना पड़ता है।

    इस आर्टिकल में पर्सनल लोन लेने से जुड़े इन अलग-अलग चार्ज को लेकर ही जानकारी दे रहे हैं-

    पर्सनल लोन पर लगने वाले चार्ज

    प्रोसेसिंग चार्ज- पर्सनल लोन लेने के दौरान बैंक प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर एक मोटी रकम लेते हैं। हालांकि, हर बैंक अपने ग्राहक से अलग-अलग प्रोसेसिंग फी लेते हैं। अमूमन यह चार्ज लोन की रकम का 2.50% होता है।

    वेरिफिकेशन चार्ज - पर्सनल लोन लेने के दौरान बैंक आपसे वेरिफिकेशन चार्ज भी लेता है। दरअसल, लोन देने से पहले बैंक अपने ग्राहक की पूरी जांच करता है। इसके बाद ही लोन अप्रूवल मिलता है। इस वेरिफिकेशन प्रॉसेस के साथ ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री खंगाली जाती है।

    डुप्लीकेट स्टेटमेंट चार्ज –लोन लेने के बाद लोन की भरपाई के लिए हर महीने एक स्टेटमेंट जनरेट होता है। इस स्टेटमेंट को खोने पर बैंक से दोबारा जाकर स्टेटमेंट निकलवाने की जरूरत होती है।

    हालांकि, डुप्लीकेट स्टेटमेंट के लिए बैंक ग्राहक से डुप्लीकेट स्टेटमेंट चार्ज के तौर पर पैसा वसूलता है।

    GST- वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद जब लोन अप्रूवल मिल जाता है तो बैंक जीएसटी के रूप में भी पैसा लेते हैं।

    EMI भूलने पर चार्ज- लोन लेने के बाद समय-समय पर ईएमआई भरनी पड़ती है। हालांकि, कई बार ग्राहक लोन तो ले लेते हैं, लेकिन ईएमआई देने की डेट याद नहीं रखते है।

    ऐसे में ईएमआई मिस होने पर भी बैंक ग्राहक से लेट फी के तौर पर चार्ज वसूलता है। 

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