Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल 3 रुपये हुआ महंगा, आपके शहर में अब नई कीमत कितनी हुई
तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। यह वृद्धि व ...और पढ़ें

तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का एलान किया है।
HighLights
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि।
अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई बढ़ोतरी।
तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान से बचने का कदम।
नई दिल्ली। आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का एलान किया है। इस फैसले के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित देश के सभी प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम आसमान छूने लगे हैं। कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार निकल गई है।
महानगरों में अब क्या हैं पेट्रोल-डीजल के नए दाम?
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) | पेट्रोल में बढ़ोतरी (₹) | डीजल में बढ़ोतरी (₹) |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 97.77 | 90.67 | 3.00 | 3.00 |
| मुंबई | 106.68 | 93.14 | 3.14 | 3.11 |
| कोलकाता | 108.74 | 95.13 | 3.29 | 3.11 |
| चेन्नई | 103.67 | 95.25 | 2.83 | 2.86 |
3 रुपये की बढ़ोतरी के बाद क्या होंगी आपके शहर में पेट्रोल की कीमतें?
| शहर | पुरानी कीमत (₹/लीटर) | नई कीमत (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| बेंगलुरु | 102.92 | 106.21 |
| हैदराबाद | 107.46 | 110.89 |
| अहमदाबाद | 94.29 | 97.55 |
| लखनऊ | 94.69 | 97.69 |
| भोपाल | 106.56 | 109.56 |
| जयपुर | 104.94 | 107.97 |
| पटना | 105.23 | 108.23 |
| अमृतसर | 98.29 | 101.29 |
| विशाखापट्टनम | 108.45 | 108.55 |
| रायपुर | 100.45 | 103.45 |
| रांची | 98.09 | 101.09 |
| देहरादून | 93.78 | 96.78 |
| गुरुग्राम | 95.30 | 98.47 |
| तिरुवनंतपुरम | 107.48 | 110.58 |
| कटक | 101.87 | 104.87 |
आखिर क्यों जरूरी हो गया था पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाना?
भारत अपनी कच्चे तेल की करीब 90 फीसदी जरूरतें आयात के जरिए पूरी करता है। ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब तक सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने टैक्स समायोजन और सप्लाई मैनेजमेंट के जरिए इस दबाव को खुद सहा था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार महंगे होते कच्चे तेल के कारण अब घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य हो गई थी।
Petrol, diesel prices hiked by Rs 3 per litre each.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 15, 2026
MS (petrol) prices (in Rs per litre):
Delhi 97.77 (+3.00)
Kolkata 108.74 (+3.29)
Mumbai 106.68 (+3.14)
Chennai 103.67 (+2.83)
HSD (diesel) prices (in Rs per litre):
Delhi 90.67 (+3.00)
Kolkata 95.13 (+3.11)
Mumbai… pic.twitter.com/cjaOn0wJIp
तेल कंपनियों को हो रहा था कितना भारी नुकसान?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सीआईआई (CII) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में बताया था कि पिछले चार सालों में बड़े वैश्विक ऊर्जा झटकों के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई थीं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, तो सरकारी तेल कंपनियों को एक तिमाही में ही लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। पुरी के मुताबिक, तीनों सरकारी तेल कंपनियां रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा सह रही थीं और उनकी कुल 'अंडर-रिकवरी' लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
क्या देश में ईंधन की कमी या राशनिंग होने वाली है?
वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने स्पष्ट किया कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे पास पर्याप्त सप्लाई है। पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई राशनिंग लागू नहीं की जा रही है और ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।" अधिकारियों के अनुसार, भारी अस्थिरता के बावजूद भारत के पास वर्तमान में लगभग 60 दिनों का ईंधन स्टॉक और 45 दिनों का एलपीजी (LPG) भंडार मौजूद है।
पीएम मोदी और RBI गवर्नर ने क्या दी चेतावनी?
आरबीआई (RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी हाल ही में स्विट्जरलैंड में एक सम्मेलन के दौरान संकेत दिया था कि अगर पश्चिम एशिया में संकट लंबे समय तक खिंचता है, तो सरकार को मजबूरन बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना पड़ेगा। भारत ऊर्जा और उर्वरक के लिए आयात पर काफी निर्भर है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के प्रयासों के तहत देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और खाद्य तेल की खपत कम करने तथा सादगी अपनाने की अपील की है।