सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PM Vishwakarma Yojana को पीआईडीएफ योजना में किया शामिल, दो वर्ष के लिए बढ़ाया कार्यकाल

    By AgencyEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Fri, 06 Oct 2023 03:03 PM (IST)

    देश में कई पीआईडीएफ योजना चल रही है। इस योजना के दो साल तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसका मतलब है कि इसमें 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाया जा सकता है। ...और पढ़ें

    PM Vishwakarma Yojana को पीआईडीएफ योजना में किया शामिल
    PM Vishwakarma Yojana को पीआईडीएफ योजना में किया शामिल

    HighLights

    1. पीएम विश्वकर्मा योजना को पीआईडीएफ योजना में शामिल किया गया।
    2. पीआईडीएफ योजना को दो साल की अवधि के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया

    एजेंसी, नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि पीएम विश्वकर्मा को पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के तहत शामिल करने के साथ-साथ योजना के कार्यकाल को दो साल तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

    आज गवर्नर ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अब पीआईडीएफ योजना को दो साल की अवधि के लिए यानी 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।

    पीआईडीएफ योजना का उद्देश्य

    पीआईडीएफ योजना जनवरी 2021 में संचालित की गई थी। इस योजना का उद्देश्य टियर-3 से टियर-6 केंद्रों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में भौतिक बिक्री बिंदु (पीओएस), त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड जैसे भुगतान को प्रोत्साहित करना है। इस योजना का कार्यकाल दिसंबर 2023 तक तीन वर्षों के लिए निर्धारित किया गया था।

    आज मौद्रिक नीति के फैसले की घोषणा करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि टियर-1 और 2 केंद्रों में पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को बाद में अगस्त 2021 में पीआईडीएफ योजना के तहत शामिल किया गया। इस साल अगस्त 2023 के अंत तक इस योजना में 2.66 करोड़ से अधिक नए टच प्वाइंट तैनात किए गए हैं।

    आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा

    अब पीआईडीएफ योजना को दो साल की अवधि के लिए यानी 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही पीआईडीएफ योजना के तहत सभी केंद्रों में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

    इसके आगे वह कहते हैं कि पीआईडीएफ योजना के तहत लक्षित लाभार्थियों का विस्तार करने का यह निर्णय जमीनी स्तर पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की दिशा में रिजर्व बैंक के प्रयासों को बढ़ावा देगा। इसके अलावा उद्योग से प्राप्त फीडबैक के आधार पर, पीआईडीएफ योजना के तहत भुगतान स्वीकृति के उभरते तरीकों, जैसे साउंडबॉक्स डिवाइस और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक डिवाइस की तैनाती को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है।

    खबरें और भी

    इससे भौगोलिक क्षेत्रों में भुगतान स्वीकृति बुनियादी ढांचे की तैनाती में और तेजी आने और वृद्धि होने की उम्मीद है। इस योजना में हो रहे संशोधनों को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना में कारीगरों को दिए जाने वाले ऋण पर 8 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है।

    पीएम विश्वकर्मा योजना

    पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों को 5 फीसदी की बेहद सस्ती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन देती है। इस योजना में बढ़ई, सुनार, लोहार, राजमिस्त्री, पत्थर की मूर्ति, नाई और नाविक सहित 18 क्षेत्रों से संबंधित कारीगरों को शामिल किया गया है।

    इस योजना की शुरुआत में 1 लाख रुपये का लोन दिया जाएगा। इसके लिए 18 महीने का समय पुनर्भुगतान के लिए दिया जाएगा। इसके बाद आप 2 लाख रुपये के लोन लेने के लिए पात्र हो जाएंगे।

    इस योजना में न केवल वित्तीय सहायता बल्कि उन्नत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीकों और कुशल हरित प्रौद्योगिकियों का ज्ञान, ब्रांड प्रचार, स्थानीय और वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच भी शामिल होगी।