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    ये 'भारतीय' कहलाता है कनाडा का 'वॉरेन बफेट', ₹64 रुपये से बनाया ₹24000 Cr का साम्राज्य, आखिर कैसे?

    Updated: Tue, 27 Jan 2026 12:37 PM (GMT+05:30)

    प्रेम वत्स कनाडा के सबसे अमीर भारतीय मूल (Richest Indian in Canada) के व्यक्ति हैं। हैदराबाद में जन्मे वत्स मात्र 64 रुपये लेकर कनाडा गए थे। उन्होंने ...और पढ़ें

    प्रेम वत्स हैं कनाडा में सबसे अमीर भारतीय मूल के शख्स

    प्रेम वत्स हैं कनाडा में सबसे अमीर भारतीय मूल के शख्स

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    नई दिल्ली। कई भारतीय विदेशों में जाकर बस गए और खूब दौलत कमा चुके हैं। अलग-अलग देशों में बसे सबसे अमीर भारतवंशियों (Richest Indians Abroad) की बात अकसर होती है। जैसे कि अमेरिका में जय चौधरी और सिंगापुर में राज कुमार। पर कनाडा का सबसे अमीर भारतवंशी कौन है? आइए जानते हैं।

    ये हैं कनाडा में सबसे अमीर भारतवंशी

    प्रेम वत्स भारतीय मूल के 75 वर्षीय कनाडाई बिजनेसमैन हैं। वे कनाडा में भारतीय मूल के सबसे अमीर शख्स हैं। वे सिर्फ 64 रुपये लेकर कनाडा गए थे और इसी से उन्होंने बहुत अधिक संपत्ति बना ली है।

    कितनी है वत्स की दौलत

    फोर्ब्स के मुताबिक वत्स की नेटवर्थ इस समय 2.6 अरब डॉलर या करीब 24 हजार करोड़ रुपये है। प्रेम वत्स ने सन 1985 में टोरंटो में मौजूद फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की शुरुआत की और वे इसके चेयरमैन और CEO बने हुए हैं।

    हैदराबाद में हुआ था जन्म

    हैदराबाद, भारत में जन्मे वत्स बाद में कनाडा में अपने भाई के साथ रहने लगे, और फिर यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो के MBA प्रोग्राम में एडमिशन ले लिया। उन्होंने घर-घर जाकर अप्लायंसेज बेचकर अपनी स्कूल की फीस भरी और इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट के तौर पर कुछ समय काम करने के बाद, 1984 में अपना बिजनेस शुरू किया।
    सन 1984 में, वत्स ने पुराने बॉस टोनी हैम्बलिन के साथ मिलकर एक इन्वेस्टमेंट फर्म शुरू की, जिसका नाम हैम्बलिन वात्सा इन्वेस्टमेंट काउंसिल था। उन्होंने इंश्योरेंस कंपनियां खरीदना शुरू किया, और अपने आइडल वॉरेन बफेट की सफलता के मॉडल पर अपना बिजनेस बनाया।

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    दिवालिया कंपनी खरीदी

    1985 में, वत्स ने मार्केल फाइनेंशियल को खरीदा, जो एक छोटी कैनेडियन ट्रकिंग इंश्योरेंस कंपनी थी और दिवालिया होने की कगार पर थी। इसका नाम बदलकर फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स कर दिया। उन्होंने कंपनी को आगे बढ़ाने में मदद की, जिससे 2012 में इसका सालाना रेवेन्यू $8 बिलियन प्रति वर्ष हो गया।
    फेयरफैक्स के पास अब दुनिया भर में प्रॉपर्टी और कैजुअल्टी इंश्योरेंस और रीइंश्योरेंस में हिस्सेदारी है। साथ ही इसकी ब्लैकबेरी और GE जैसी कंपनियों में भी हिस्सेदारी है। अपनी सफलता के बावजूद, वत्स ज्यादातर लोगों की नजरों से दूर रहते हैं। उन्हें "कैनेडियन वॉरेन बफेट" कहा जाता है।

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