सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वर्ष 2047 तक रुपए को अंतरराष्ट्रीय करेंसी के रूप में स्थापित करने की तैयारी

    By JagranEdited By: Praveen Prasad Singh
    Updated: Wed, 21 Sep 2022 08:47 PM (IST)

    हाल ही में वित्त मंत्रालय व वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में रुपए को वैश्विक करेंसी में स्थापित करने के लिए मैकेनिज् ...और पढ़ें

    रूस, सऊदी अरब, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश, ब्राजील, मैक्सिको जैसे कई देशों के साथ रुपए में हो सकता है कारोबार।
    रूस, सऊदी अरब, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश, ब्राजील, मैक्सिको जैसे कई देशों के साथ रुपए में हो सकता है कारोबार।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : सरकार ने रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत पिछले सप्ताह विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से रुपए में आयात-निर्यात के बिल जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी गई ताकि रुपए में विदेशी कारोबार के रास्ते में कोई रोड़ा नहीं रह जाए। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सरकार वर्ष 2047 तक रुपए को अंतरराष्ट्रीय करेंसी के रूप में स्थापित करना चाहती है ताकि आजादी के 100 साल से पहले भारत की करेंसी भी किसी अन्य करेंसी से कम मूल्यवान नहीं रहे।

    अमेरिकी डॉलर में होता है 40 फीसद से अधिक वैश्विक कारोबार

    हाल ही में वित्त मंत्रालय व वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बैठक में रुपए को वैश्विक करेंसी में स्थापित करने के लिए मैकेनिज्म तैयार करने पर गंभीर चर्चा की गई। अभी 40 फीसद से अधिक वैश्विक कारोबार अमेरिकी डॉलर में होता है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के सीईओ और महानिदेशक अजय सहाय ने बताया कि रूस के साथ जल्द ही रुपए में कारोबार शुरू हो सकता है और उसके बाद सऊदी अरब के साथ भी ऐसी संभावना है और निश्चित रूप से यह रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

    कई देश कर सकते हैं रुपये में कारोबार

    हाल ही में दोनों देशों के बीच इस दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत की गई है। फियो के पूर्व अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने बताया कि चीन के विपरीत भारत रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण में इसलिए सफल हो जाएगा क्योंकि भारत करेंसी के मूल्य को घटाने-बढ़ाने के लिए कोई कृत्रिम तरीका नहीं अपनाता है। चीन भी अपनी करेंसी युआन के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश कर चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब कई देश भारत के साथ रुपए में कारोबार के लिए आगे आएंगे। श्रीलंका, बांग्लादेश, मैक्सिको, ब्राजील जैसे देश भी भारत के साथ रुपए में कारोबार कर सकते हैं। निर्यातकों ने बताया कि डॉलर की तंगी झेल रहा देश रुपए में कारोबार करने के लिए तैयार हो जाएगा।

    रूस से जल्‍द शुरू होगा रुपये में करोबार

    जानकारों के मुताबिक रूस की तरफ से अपने अधिकृत बैंक की घोषणा करते ही दोनों देशों में रुपए में कारोबार होने लगेगा। ईरान के साथ पहले भी रुपए में कारोबार का मैकेनिज्म तैयार किया गया था जिसे फिर से शुरू करना होगा। विदेश व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक रूस और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ रुपए में कारोबार शुरू होने से देश के आयात बिल में राहत मिलेगी। क्योंकि दोनों ही देशों से भारत के आयात में लगातार तेजी आ रही है। चालू वित्त वर्ष में देश के आयात में निर्यात के मुकाबले काफी तेज बढ़ोतरी हो रही है जिससे विदेशी मुद्रा का भंडार प्रभावित हो रहा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें...

    - नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी रफ्तार

    - देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार, जरूरत पड़ने पर जमाखोरों के खिलाफ होगी कार्रवाई