ये हैं वेदांता वाले अनिल अग्रवाल की इकलौती बेटी, संभालती हैं भारत की सबसे बड़ी चांदी बनाने वाली कंपनी; मिलेगी पिता की विरासत!
Anil Agarwal Daughter: कौन हैं अनिल अग्रवाल की बेटी जिनके पास है 17,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और संभालती हैं अरबों का व्यापार। जानिए इसके बारे मे ...और पढ़ें

अनिल अग्रवाल की वारिस
HighLights
भाई के निधन के बाद वेदांता की विरासत को मजबूती से संभाला।
हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन, ESG और पर्यावरण-अनुकूल खनन पर जोर।
कर्मचारियों के लिए शानदार कार्य संस्कृति और नीतियां लागू कीं।
नई दिल्ली: व्यापार जगत में सफलता की सीढ़ी कई लोगों ने चढ़ी है लेकिन कुछ लोगों की सक्सेस संघर्ष, जज्बे और परिवार के प्रति गहरे समर्पण से बुनी होती हैं। ऐसे ही बेहद भावुक और प्रेरणादायक सफर रहा है वेंदाता ग्रुप (vedanta Group) के चेयरमैन और दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil agarwal) की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर (Priya Agarwal hebbar) का।
टूटा था दुखों का पहाड़
इस साल जनवरी में अपने भाई अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) के असामयिक निधन के गहरे पारिवारिक सदमे के बाद, प्रिया जिस मजबूती के साथ अपने पिता के साथ खड़ी हैं और उनकी करोड़ों की विरासत संभाल रही हैं, वह काबिल तारीफ है। एक बेटी होने के नाते, दुख की इस घड़ी में वह न सिर्फ अपने पिता का सबसे बड़ा सहारा बनी है, बल्कि वेदांता के विशाल साम्राज्य को एक आधुनिक और जिम्मेदार भविष्य की ओर भी ले जा रही हैं।
वेदांता में ला रही हैं बड़ा बदलाव
प्रिया अग्रवाल हेब्बर केवल एक उत्तराधिकारी नहीं हैं, वह एक विजनरी और मॉडर्न लीडर हैं। वर्तमान में वह वेदांता (Vedanta) में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-executive director) के तौर पर अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। प्रिया का सबसे ज्यादा फोकस पर्यावरण (Environment) और सस्टेनेबिलिटी पर है। माइनिंग (खनन) जैसे पारंपरिक और भारी उद्योग वाले सेक्टर में पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन (ESG) को बढ़ावा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
इसके अलावा, वह मानती हैं कि कोई भी कंपनी अपने कर्मचारियों से बनती है। इसलिए, पूरे वेदांता ग्रुप में कर्मचारियों के लिए 'बेस्ट-इन-क्लास पीपल प्रैक्टिस' (शानदार कार्य संस्कृति और कर्मचारी नीतियां) लागू करने का श्रेय भी उन्हीं के विजन को जाता है।
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हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) की कमान
वेदांता के साथ-साथ प्रिया भारत की सबसे अहम कंपनियों में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) की चेयरपर्सन भी हैं। यह कोई आम कंपनी नहीं है। यह भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक (जस्ता) उत्पादक कंपनी है। इसके साथ ही हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) बड़े पैमाने पर चांदी (Silver) का उत्पादन करती है।
प्रिया के नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक न केवल उत्पादन के मामले में नए मुकाम हासिल कर रहा है, बल्कि ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण के अनुकूल खनन (Eco-friendly mining) की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग ₹2,26,773 करोड़ है। उनकी लीडरशिप में कंपनी का लक्ष्य सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर काम करना है।
विरासत को दिया नया अर्थ
भाई अग्निवेश के जाने के बाद परिवार में आए सूनेपन और कॉर्पोरेट जगत की भारी जिम्मेदारियों के बीच प्रिया अग्रवाल ने जिस तरह का संतुलन दिखाया है, वह एक मिसाल है। जानकारी के मुताबिक प्रिया लगभग 17,000 करोड़ रुपये की मालकिन हैं।