यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RBI MPC Meeting: नई मौद्रिक नीति का आज होगा एलान, ब्याज दरों में फिर से हो सकती है बढ़ोतरी
RBI MPC Meeting आरबीआई का इस बार सारा ध्यान महंगाई कम करने पर होगा। पिछले कुछ महीनों से महंगाई दर केंद्रीय बैंक की ओर से तय किए गए महंगाई के बैंड 2-6 ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। RBI MPC Meeting रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा की जारी रही मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे बुधवार को आ सकते हैं। इस बैठक में महंगाई पर काबू करने के लिए एक बार फिर से ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है। इस बार उम्मीद लगाई जा रही है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी में पिछले बार के मुकाबले थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। वहीं, जानकारों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में 35 आधार अंक या 0.35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
समाचार एजेंसी रायटर्स के पोल में दो-तिहाई अर्थशास्त्रियों का मनाना है कि इस बार की मौद्रिक नीति में आरबीआई का पूरा ध्यान महंगाई को काबू पाने पर होगा। महंगाई पिछले कुछ समय से आरबीआई की ओर से तय किए गए बैंड 2-6 प्रतिशत के ऊपर बनी हुई है। अक्टूबर में देश में खुदरा महंगाई दर 6.77 के स्तर पर थी।
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छह प्रतिशत के पार जा सकता है रेपो रेट
अगर आरबीआई की ओर से इस बार ब्याज दर को बढ़ाया जाता है, तो रेपो रेट छह प्रतिशत के पार जा सकता है। फिलहाल ये 5.90 प्रतिशत के आसपास है। पिछली कुछ बैठकों में केंद्रीय बैंक रेपो रेट में 1.90 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुका है।
इस बार की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास उन कारणों को साझा कर सकते हैं, जिन्हें बैंक की ओर से केंद्र सरकार को महंगाई में कमी न आने की वजह बताया गया है। पिछले महीने 3 नवंबर को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हुई थी, जिसमें केंद्र सरकार को महंगाई के कारणों पर एक रिपोर्ट सौंपी गई थी।
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आरबीआई एक्ट की धारा 45ZN के अनुसार, अगर केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने में असफल हो जाता है, तो उसे केंद्र सरकार को उसके कारणों के बारे रिपोर्ट के जरिए बताना होता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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