यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RBI MPC Meet 2023: महंगाई दर अधिक, आरबीआई ब्याज दर अपरिवर्तित रख सकता है: विशेषज्ञ
RBI MPC Meet 2023 हर दो महीने के बाद एमपीसी की बैठक होती है। अक्टूबर में एमपीसी की बैठर होने वाली है। इस बैठक में भी जताया जा रहा है कि रेपो रेट को स् ...और पढ़ें

HighLights
- अक्टूबर में आरपीआई की एमपीसी बैठक है।
- आरबीआई ने रेपो रेट 6.50 फीसदी रखा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक अगले महीने शुरू होने वाली है। इस बैठक को लेकर कई एक्सपर्ट का कहना है कि इस बार भी आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला ले सकती है। आपको बता दें कि इस साल 8 फरवरी 2023 को आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5 फीसदी रखने का फैसला लिया है।
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ती कीमत और उच्च खुदरा मुद्रास्फीति की वजह से इस बार भी रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला ले सकती है।
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अगले महीने होगी एमपीसी की बैठक
आपको बात दें कि अगले महीने 4 अक्टूबर से 6 अक्टूबर, 2023 को एमपीसी बैठक होगी। इस बैठक की अध्यक्षता आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास करेंगे। इस बैठक में 6 सदस्य होंगे। एमपीसी की बैठक अगस्त 2023 में हुई थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा
हम उम्मीद करते हैं कि आरबीआई इस बार यथास्थिति बनाए रखेगा क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी ऊंची है और तरलता की कमी है। वास्तव में, मुद्रास्फीति पर आरबीआई के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तीसरी तिमाही में भी 5 प्रतिशत से ऊपर होगी, जो यह सुनिश्चित करेगी यथास्थिति निश्चित रूप से Q4 के लिए बनी रहेगी। इसके आगे वह कहते हैं कि खरीफ फसल के बाजार में आने वाले हैं। इसमें खासकर दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
मुद्रास्फीति दर
पिछले महीने अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति थोड़ी कम थी। यह 6.83 फीसदी थी। वहीं, जुलाई में 7.44 प्रतिशत थी। यह आरबीआई के 6 फीसदी के आरामदायक स्तर से ऊपर रही। सरकार ने आरबीआई को मुद्रास्फीति को दोनों तरफ 2 फीसदी मार्जिन के साथ 4 फीसदी पर रखने का आदेश दिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.4 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं अगले वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 फीसदी का अनुमानित जताया गया है।
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