यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RBI MPC Meeting: दूसरे दिन की बैठक खत्म, महंगाई पर आरबीआई का ज्यादा ध्यान, Repo Rate रह सकता है स्थिर
RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का आज दूसरा दिन है। 4 से 6 अक्टूबर तक चलने वाली बैठक के फैसलों की घोषणा कल सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास क ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली: कल से शुरू हुई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति का आज दूसरा दिन था। 4 से 6 अक्टूबर तक चलने वाली इस बैठक में लिए जाने फैसलों को कल आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास 10 बजे सुबह सुनाएंगे।
रेपो रेट इस बार भी रह सकता है स्थिर
हर दो महीनों में एक बार होने वाली इस बैठक के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने कहा कि मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं और अन्य वैश्विक कारकों के बीच आरबीआई इस बार भी रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है।
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समाचार एजेंसी पीटीआई को क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी जोशी ने बताया कि
मुझे लगता है कि अगस्त में पिछली एमपीसी बैठक और इस बार के बीच, मुद्रास्फीति बढ़ी है, विकास मजबूत बना हुआ है, जबकि वैश्विक कारक इस अर्थ में थोड़े प्रतिकूल हो गए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अभी भी अपने रुख में आक्रामक है, जिससे सख्त पैदावार का रुख आया है। ऐसे में केंद्रीय बैंक से आगामी नीति में नीतिगत दरों पर यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद है
महंगाई पर आरबीआई का ज्यादा ध्यान
डी जोशी के मुताबिक आरबीआई मुद्रास्फीति पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा क्योंकि विकास अभी मजबूत है, साथ ही तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी सावधानी से नजर रखने की जरूरत है।
सरकार ने आरबीआई को क्या दिया आदेश?
केंद्र सरकार ने आरबीआई को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत पर स्थिर रखने को कहा है जिसमें 2 प्रतिशत का दोनों तरफ मार्जिन हो।
जुलाई में थी रिकॉर्ड महंगाई
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 15 महीने के उच्चतम स्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।
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आखिरी बार आरबीआई ने कब बढ़ाया था रेपो रेट
आखिरी बार आरबीआई ने रेपो रेट में फरवरी 2023 में बदलाव किया था। दरअसल रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर आरबीआई ने मई 2022 में रेपो रेट को को किश्तों में बढ़ाना शुरू किया था और इस साल फरवरी में रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर ले आया।
