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    कौन है ये विदेशी अरबपति, जिसकी ₹4700 करोड़ की सुपरयॉट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सही सलामत गुजरी; जेब में हैं ₹3.5 लाख करोड़

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 12:33 PM (IST)

    रूसी अरबपति एलेक्सी मोर्दाशोव की सुपरयॉट 'नॉर्ड' ईरान द्वारा अवरुद्ध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजरी है। यह 4721 करोड़ रुपये की लग्जरी यॉट कई ...और पढ़ें

    रूसी अरबपति एलेक्सी मोर्दाशोव की यॉट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरी

    रूसी अरबपति एलेक्सी मोर्दाशोव की यॉट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरी

    HighLights

    1. रूसी अरबपति की सुपरयॉट नॉर्ड होर्मुज से गुजरी

    2. यॉट की कीमत 4721 करोड़ रुपये

    3. मोर्दाशोव सेवरस्टल के चेयरमैन

    नई दिल्ली। एक तरफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किया हुआ है, जहां से तेल-गैस के जहाज नहीं गुजर पा रहे हैं। वहीं अब एक सुपरयॉट वहां से बिना किसी दिक्कत के गुजर गई है। रूस के अरबपति एलेक्सी मोर्दाशोव (Alexey Mordashov Net Worth) की एक सुपरयॉट बीते शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरी है। खास बात ये है कि मोर्दाशोव की सुपरयॉट की कीमत बहुत ज्यादा है। आइए जानते हैं मोर्दाशोव और उनकी सुपरयॉट के बारे में।

    4721 करोड़ रुपये है यॉट की कीमत

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोर्दाशोव की सुपरयॉट की कीमत 500 मिलियन डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में 4721 करोड़ रुपये बनते हैं। उनकी इस यॉट का नाम Nord है। Nord एक 142-मीटर (466 ft) लंबी, $500 मिलियन की लग्जरी सुपरयाट है, जिसे Nuvolari Lenard ने डिजाइन किया है और Lürssen ने 2021 में बनाया है।

    क्या हैं सुपरयॉट के फीचर्स?

    Nord के मेन फीचर्स में छह डेक, एक रिट्रैक्टेबल हैंगर के साथ दो हेलीकॉप्टर पैड, एक बड़ा स्विमिंग पूल, एक बीच क्लब, एक खास डाइविंग सेंटर, एक सिनेमा और एक गैराज शामिल हैं, जिसमें एक Triton पनडुब्बी, कई जेट स्की और कारें मौजूद हैं।

    कौन हैं एलेक्सी मोर्दाशोव?

    एलेक्सी अलेक्जेंड्रोविच मोर्दाशोव एक रूसी कारोबारी हैं। वह रूस की सबसे बड़ी स्टील और माइनिंग कंपनी, सेवरस्टल के मेन शेयरहोल्डर और चेयरमैन हैं। फोर्ब्स के अनुसार वे इस समय दुनिया के 58वें सबसे अमीर शख्स हैं और उनकी नेटवर्थ 36.9 बिलियन डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये बनते हैं।

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    माता-पिता थे मिल वर्कर

    मोर्दाशोव के माता-पिता दोनों ही मिल वर्कर थे। 1988 में, लेनिनग्राड इंजीनियरिंग-इकोनॉमिकल इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएशन के बाद, मोर्दाशोव एक इकोनॉमिस्ट के तौर पर 'चेरेपोवेट्स्की मेटालर्जिकल प्लांट' में शामिल हो गए। दिसंबर 1991 में, सोवियत संघ का विघटन हो गया और 1992 तक, वे प्लांट के फाइनेंस डायरेक्टर बन गए, ठीक उस समय से कुछ पहले, जब कंपनी का प्राइवेटाइजेशन किया गया।
    जब उस प्लांट के बुज़ुर्ग निदेशक ने उनसे कहा कि वे शेयर एक्वायर करें ताकि वे किसी बाहरी व्यक्ति के हाथों में न पड़ें, तो उन्होंने दो निवेश फंड बनाए और मजदूरों के शेयर खरीदकर फैक्ट्री में एक बड़ी हिस्सेदारी बना ली।

    1996 में बन गए सीईओ

    1996 में, मोर्दाशोव को कंपनी का CEO नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्होंने 'सेवरस्टल' नाम का एक बड़ा समूह खड़ा किया, जिसके तहत उन्होंने स्टील, कोयला और खनन कंपनियों का अधिग्रहण किया। साल 2000 में, पुतिन सत्ता में आए और साल 2003 में, मोर्दाशोव रोसिया बैंक के सह-मालिक बन गए।[

    साल 2004 में, मोर्दाशोव ने US की स्टील कंपनियों में निवेश करना शुरू किया, और Dearborn, MI और Columbus, Mississippi में कंपनियाँ खरीदीं। इस अधिग्रहण में Dearborn का Rouge Plant भी शामिल था।

    2022 में घटी दौलत

    28 फरवरी 2022 को, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद, यूरोपीय संघ ने मोर्दाशोव को ब्लैकलिस्ट कर दिया और उनकी सभी संपत्तियाँ फ्रीज कर दीं। तब उनकी संपत्ति भी घटी और 2021 के 29.1 अरब डॉलर से घटकर 2022 में 13.2 अरब डॉलर रह गई थी।
    मगर उसके बाद लगातार तीन साल उनकी दौलत में इजाफा हुआ, जो कि 2025 के आखिर में 28.6 अरब डॉलर हो गई और अब 36.9 अरब डॉलर है।

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