सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    SBI की बड़ी सिफारिश, लोगों को मिले ₹1 करोड़ तक का होम लोन, पढ़ाई के लिए भी बढ़े बजट

    By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
    Updated: Tue, 07 Jul 2026 09:03 PM (GMT+05:30)

    एसबीआई ने विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए होम, एजुकेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए ऋण सीमा बढ़ाने ...और पढ़ें

    होम लोन से लेकर एजुकेशन लोन की सीमा बढ़ सकती है।

     होम लोन से लेकर एजुकेशन लोन की सीमा बढ़ सकती है।

    HighLights

    1. मेट्रो में होम लोन सीमा 1 करोड़ तक करने की सिफारिश।

    2. एजुकेशन लोन की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख।

    3. रिन्यूएबल एनर्जी लोन 35 करोड़ से 100 करोड़ तक।

    राजीव कुमार (जागरण ब्यूरो) नई दिल्ली| आने वाले समय में होम लोन से लेकर एजुकेशन लोन की सीमा बढ़ सकती है। इसके अलावा रिन्युएबल एनर्जी, सभी प्रकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर, निर्यात और एमएसएमई लोन की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। विकसित भारत के निर्माण को ध्यान में रखते हुए बैंकों से मिलने वाले लोन की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है।

    SBI की सिफारिश पर अमल हुआ तो प्राथमिक सेक्टर लेंडिंग (पीएसएल) के तहत मेट्रो में मकान खरीदने के लिए एक करोड़ तक का लोन मिल सकेगा। गैर मेट्रो शहर में पीएसएल के तहत 75 लाख होम लोन देने की सिफारिश की गई है। अभी शहर की आबादी के आधार पर होम लोन की सीमा तय होती है जो 50 लाख से लेकर 35 लाख तक है। SBI ने एजुकेशन लोन की सीमा को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने की सिफारिश की है।

    ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भी लोन की सीमा को बढ़ाना होगा 

    SBI का मानना है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए बैंकों को लोन देने में बड़ी भूमिका अदा करनी होगी। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भी लोन की सीमा को बढ़ाना होगा और नए-नए सेक्टर के लिए भी लोन के दरवाजे खोलने होंगे। रिन्युएबल एनर्जी के लिए अभी बैंक अधिकतम 35 करोड़ का लोन देता है जिसे बढ़ाकर 100 करोड़ करने की सिफारिश की गई है।

    सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर लोन की सीमा सभी शहरों के लिए बढ़ाकर 25 करोड़ करने की सिफारिश की गई है। मंगलवार को जारी SBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी प्रकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर लोन को प्राथमिक सेक्टर के लोन की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए। प्राथमिक सेक्टर के लोन में जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभाव को कम करने के काम को भी शामिल करने के लिए कहा गया है।

    खबरें और भी

    भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 30 लाख करोड़ डालर से अधिक का होने का अनुमान

    SBI की इस सिफारिश पर वित्तीय सेवाएं विभाग भी पहले से काम कर रहा है। SBI की सिफारिश पर RBI को फैसला लेना है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 30 लाख करोड़ डालर से अधिक का होने का अनुमान है। बैंकों से काफी बड़े पैमाने पर लोन मिलने पर ही इस प्रकार के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: अधिकतम सैलरी कैसे तय होगी, कर्मचारियों को कैसे मिल सकता है फायदा? 2 बड़े प्रस्ताव आए सामने