सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    SEBI लाएगा SMEs के लिए नया पोर्टल, ICSI-NSE-AIBI ने IPO फंडरेजिंग पर दिए अहम सुझाव

    By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
    Updated: Fri, 31 Jul 2026 08:05 PM (GMT+05:30)

    भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए एक समर्पित पोर्टल लाने की योजना बना रहा है, जिससे पूंजी बाजार तक उनकी पहुं ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. SEBI SMEs के लिए समर्पित 'SME पोर्टल' लॉन्च करेगा।

    2. ICSI, NSE, AIBI ने 'फंडरेजिंग कॉन्क्लेव' आयोजित किया।

    3. IPO के लिए वित्तीय अनुशासन और बेहतर गवर्नेंस आवश्यक है।

    नई दिल्ली। छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को पूंजी बाजार से जोड़ने और उन्हें फंड जुटाने के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (AIBI) के साथ मिलकर नोएडा और गुरुग्राम (मानेसर) में 'SME फंडरेजिंग कॉन्क्लेव' का सफल आयोजन किया। यह जानकारी भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) ने दी है।

    SEBI का बड़ा कदम: SMEs के लिए बनेगा खास पोर्टल

    इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के मुख्य महाप्रबंधक राजेश कुमार डांगेती ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि SEBI छोटे उद्योगों के लिए एक समर्पित 'SME पोर्टल' लाने की योजना बना रहा है। इस पोर्टल पर जारीकर्ताओं की जानकारी और अनुपालन से जुड़ी स्पष्ट गाइडेंस उपलब्ध होगी, जिससे SMEs के लिए पूंजी बाजार तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    इसके अलावा, SEBI अपने LODR फ्रेमवर्क की भी समीक्षा कर रहा है ताकि नियमों की जटिलता को कम किया जा सके, जबकि निवेशकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

    IPO के लिए तैयारी और अनुशासन जरूरी

    कॉन्क्लेव के दौरान 'IPO रेडीनेस' (IPO की तैयारी) पर एक गहन पैनल चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि किसी भी SME के लिए IPO लाने से पहले वित्तीय अनुशासन, ड्यू डिलिजेंस और बेहतर गवर्नेंस बेहद जरूरी है।

    नोएडा में 30 जुलाई और मानेसर में 31 जुलाई 2026 को आयोजित इन कार्यक्रमों में NSE की वाइस प्रेसिडेंट पार्वती मूर्ति और AIBI के CEO डॉ. मिलिंद दलवी ने उद्यमियों को IPO प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया।

    ICSI की भूमिका

    ICSI के इस प्रयास का उद्देश्य नियामकों, बाजार मध्यस्थों और SMEs के बीच एक संवाद मंच तैयार करना है। संस्थान का मानना है कि बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और अनुपालन के माध्यम से ही देश में समावेशी आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है। वर्तमान में ICSI के पास 80,000 से अधिक सदस्य और लगभग 2.5 लाख छात्र हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- PM किसान सम्मान निधि पर बड़ा फैसला: अब 2031 तक मिलते रहेंगे सालाना ₹6000