यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ujjwala Yojana वाले गैस सिलेंडर पर जारी रहेगी 300 रुपये की सब्सिडी, कैबिनेट ने लगाई मुहर
मोदी सरकार ने आज यानी गुरुवार को Ujjwala Yojana के लाभार्थियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। 300 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी चालू वित्त वर्ष के लिए थी जो ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के 10 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों को सब्सिडी पर रसोई गैस सिलेंडर देने की पीएम उज्ज्वला योजना की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ा दी है। वर्ष 2016 में लागू इस योजना की अवधि मार्च, 2024 में समाप्त हो रही थी। गुरुवार को पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में यह फैसला किया गया कि अब यह स्कीम 31 मार्च, 2025 तक जारी रहेगी। इस तरह से अगले एक वर्ष के दौरान योजना के तहत आने वाले परिवारों को 12 एलपीजी सिलेंडर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी के साथ मिलेगी।
लाभार्थियों के लिए खुशखबरी
सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में प्रति वर्ष 12 रिफिल तक 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर सब्सिडी 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी थी। 300 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी चालू वित्त वर्ष के लिए थी, जो 31 मार्च को समाप्त हो रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने अब इस सब्सिडी को 2024-25 तक बढ़ाने का फैसला किया है।
पीएम उज्जवला योजना के तहत अभी 10.27 करोड़ लाभार्थी हैं
ध्यान रहे कि उज्ज्वला योजना की पिछले कुछ चुनावों में अहम भूमिका रही थी और सत्ताधारी दल को इसका फायदा मिला था। केंद्रीय उद्योग व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जवला योजना को एक वर्ष बढ़ाने के लिए सरकार 12,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। पीएम उज्जवला योजना के तहत अभी 10.27 करोड़ लाभार्थी हैं। इन सभी को अब 603 रुपये पर 14.2 किलोग्राम का गैस सिलेंडर उपलब्ध होगा।
गोयल ने बताया कि इस स्कीम के तहत जितने भी आवेदन आये हैं, उन सभी को गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। इससे करोड़ों महिलाओं के जीवन स्तर पर सकारात्मक असर पड़ा है क्योंकि अब उन्हें लकड़ी या उपले पर खाना पकाने से निजात मिल गया है। इसका असर उनके स्वास्थय पर भी पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का 60 फीसद एलपीजी आयात करता है।
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केंद्र सरकार ने गरीब घरों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUJ) शुरू की थी। इसके तहत जरूरतमंदो को मुफ्त में कनेक्शन दिया गया था।
महंगाई के चलते शुरू हुई योजना
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी बाजार मूल्य पर एलपीजी रिफिल खरीदना पड़ता था। जैसे ही ईंधन की कीमतें बढ़ीं, सरकार ने मई 2022 में पीएमयूवाई लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी प्रदान की। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था।
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए, 300 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी पर विचार करने के बाद कीमत 603 रुपये हो गई है। सब्सिडी का भुगतान सीधे कनेक्शन धारकों के बैंक खातों में किया जाता है।
Ujjwala Yojana के बाद बढ़ी LPG की मांग
पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को लक्षित समर्थन उन्हें एलपीजी के निरंतर उपयोग के लिए प्रोत्साहित करता है। Ujjwala Yojana के लाभार्थियों की औसत एलपीजी खपत 2019-20 में 3.01 रिफिल से 20 प्रतिशत बढ़कर 2021-22 में 3.68 हो गई। आपको बता दें कि सभी पीएमयूवाई लाभार्थी लक्षित सब्सिडी योजना के लिए पात्र हैं।
