केन्या विवाद पर टाटा केमिकल्स ने तोड़ी चुप्पी, कारोबार समेटने का है आदेश; राष्ट्रपति ने कहा था- गुलाम नहीं हैं
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो द्वारा कारोबार बंद करने के आदेश पर टाटा केमिकल्स ने चुप्पी तोड़ी है। कंपनी ने ...और पढ़ें

केन्याई राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को कारोबार बंद करने का आदेश दिया।
HighLights
केन्याई राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को कारोबार बंद करने का आदेश दिया।
टाटा केमिकल्स ने कानूनी चैनलों से मुद्दा सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई।
कंपनी ने सभी नियामक जानकारी मंत्रालय को सौंप दी है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के सबसे पुराने और बड़े बिजनेस समूहों में से एक टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स ने केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो के बयान पर चुप्पी तोड़ी है। दरअसल, रुटो ने टाटा केमिकल्स को कारोबार बंद करने का आदेश दिया था। उन्होंने टाटा ग्रुप की केन्याई सहायक कंपनी टाटा केमिकल्स मगदी लिमिटेड (TCML) को कारोबार बंद करने का आदेश देते हुए कहा था कि क्या हम कोई गुलाम हैष 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट होने के बावजूद आपने कोई नई फैक्ट्री या विकास कार्य नहीं किया।
केन्या के राष्ट्रपति के बयान तमाम बड़े न्यूज पोर्टल ने कवर किया। और अब इस खबर को लेकर टाटा केमिकल्स ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है।
टाटा केमिकल्स ने क्या कहा?
टाटा केमिकल्स ने 4 सितंबर, 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि केन्या के राष्ट्रपति के बयानों को लेकर मीडिया में कई खबरें चल रही हैं। इस संबंध में कंपनी ने स्पष्ट किया कि उन्हें केन्या के 'खनन, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री मामलों के मंत्रालय' (Ministry of Mining, Blue Economy and Maritime Affairs) से 28 जुलाई, 2026 को एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ था।
रुटो ने कहा था, "टाटा के पास 100 साल से माइनिंग के अधिकार हैं, फिर भी उसने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया है। वे हमारे संसाधन भारत और दूसरी जगहों पर ले जाते हैं।"
टाटा केमिकल्स ने स्पष्ट किया है कि वे केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करते हैं और किसी भी बकाया मामले को कानूनी और नियामक चैनलों के माध्यम से हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि वे रचनात्मक जुड़ाव (Constructive Engagement) के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी में कहा, "हम फिर से बताना चाहते हैं कि 11 अगस्त, 2026 को TCML ने सभी जरूरी जानकारी, रिपोर्ट और दस्तावेज जमा कर दिए थे और TCML सभी रेगुलेटरी जरूरतों का पूरी तरह से पालन कर रही है। मंत्रालय की ओर से उठाए गए मुद्दों पर TCML ने पूरी जानकारी दे दी है, जिसमें लागू रेगुलेटरी ज़रूरतों के पालन से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। अब कंपनी मंत्रालय की ओर से जमा किए गए दस्तावेज़ों की समीक्षा और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रही है।"
2005 में टाटा केमिकल्स ने मगदी प्लांट का किया था अधिग्रहण
टाटा केमिकल्स ने साल 2005 में मगदी प्लांट का अधिग्रहण किया था। तब से यह प्लांट केन्याई अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। कंपनी ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य अपने कर्मचारियों का कल्याण, मगदी समुदाय का विकास और केन्या की आर्थिक प्रगति में योगदान देना है।
US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, केन्या प्राकृतिक सोडा ऐश का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है और वैश्विक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 1 प्रतिशत है। सोडा ऐश, या सोडियम कार्बोनेट, का इस्तेमाल कांच बनाने, सफाई के उत्पादों और इलेक्ट्रिक-व्हीकल की बैटरी में किया जाता है।
