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Tata Sons की 18.4% हिस्सेदारी का होगा सौदा? SP ग्रुप को मिल सकते हैं टाटा पावर के शेयर; 3 विकल्पों पर विचार

Updated: Fri, 28 Aug 2026 03:35 PM (IST)

टाटा ग्रुप और शापूरजी पलोनजी ग्रुप के बीच टाटा संस में एसपी ग्रुप की 18.4% हिस्सेदारी को लेकर बातचीत तेज ...और पढ़ें

टाटा संस में एसपी ग्रुप की 18.4% हिस्सेदारी पर बातचीत।

टाटा संस में एसपी ग्रुप की 18.4% हिस्सेदारी पर बातचीत।

HighLights

  1. टाटा संस में एसपी ग्रुप की 18.4% हिस्सेदारी पर बातचीत।

  2. एसपी ग्रुप कर्ज चुकाने के लिए हिस्सेदारी बेचना चाहता है।

  3. टाटा पावर के शेयर मिलने का विकल्प भी विचाराधीन।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टाटा संस के नए चेयरमैन की खोज के बीच एक बार फिर से टाटा ग्रुप और शापूरजी पलोनजी ग्रुप के बीच हिस्सेदारी को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। दरअसल, टाटा ग्रुप और SP ग्रुप के बीच लंबे समय से चल रही हिस्सेदारी की खींचतान अब किसी समाधान की ओर बढ़ती दिख रही है।

दोनों पक्ष टाटा ग्रुप के सभी कंपनियों को मैनेज करने वाली टाटा संस में एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी को लेकर कई विकल्पों पर बातचीत कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों के बदले टाटा संस की हिस्सेदारी एसपी ग्रुप से खरीदी जा सकती है। यानी एसपी ग्रुप की टाटा संस में जो हिस्सेदारी है, उसके बदले उसे टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों में स्टेक दिया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार शापूरजी पलोनजी ग्रुप के पास टाटा संस (Shapoorji Pallonji Group Stake in Tata Sons) में करीब 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है। समूह इस हिस्सेदारी से पैसा जुटाकर अपने महंगे कर्ज को कम करना चाहता है। इसी को देखते हुए टाटा समूह के प्रतिनिधि और एसपी के बीच कई संभावित रास्तों पर चर्चा हो रही है।

इन विकल्पों पर चल रही बातचीत

रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा समूह और एसपी ग्रुप के बीच तीन विकल्पों पर बातचीत जारी है। इनमें पहला विकल्प है कि टाटा संस में SP Group की हिस्सेदारी के बदले टाटा ग्रुप की कुछ लिस्टेड कंपनियों के शेयर दिए जाएं। दूसरा विकल्प है कि टाटा संस खुद एसपी की हिस्सेदारी खरीदे। इसके लिए विदेशी बैंकों से फंड जुटाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। और तीसरा विकल्प है कि एसपी ग्रुप अपनी हिस्सेदारी किसी बाहरी निवेशक को बेच दे। इसके लिए किसी बड़े ग्लोबल निवेशक को प्राथमिकता दी जा सकती है।

इस स्थिति में एसपी ग्रुप को टाटा पावर में मिल सकता है स्टेक

अगर बातचीत के दौरान पहले विकल्प पर मुहर लगती है तो एसपी ग्रुप को टाटा संस की लिस्टेड कंपनियों में स्टेक मिल सकता है।इनमें Tata Power जैसी कंपनियों के शेयर शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।

इस व्यवस्था से SP Group को अपनी हिस्सेदारी की वैल्यू को सीधे नकदी में बदलने के बजाय शेयरों के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने का मौका मिलेगा। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।

एसपी ग्रुप पर है कर्ज का दबाव

एसपी ग्रुप ने हाल ही में एक बड़ा प्राइवेट क्रेडिट ट्रांजैक्शन पूरा किया है। समूह के कर्ज में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशक शामिल हैं। इनमें Cerberus Capital Management, Davidson Kempner Capital Management और Farallon Capital Management जैसे नाम शामिल हैं।

ऐसे में टाटा संस में मौजूद हिस्सेदारी एसपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपत्ति है। अगर समूह इस हिस्सेदारी को सफलतापूर्वक मॉनेटाइज कर पाता है तो उसे कर्ज चुकाने और वित्तीय दबाव कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

Tata Sons की वैल्यूएशन सबसे बड़ी चुनौती

इस पूरी डील में सबसे बड़ी अड़चन Tata Sons की वैल्यूएशन को लेकर हो सकती है। Tata Sons, पूरे Tata Group की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और इसके जरिए समूह की कई बड़ी कंपनियों और कारोबारों में हिस्सेदारी है।

Tata Sons के पास कई ऐसे कारोबार भी हैं जो शेयर बाजार में सीधे लिस्टेड नहीं हैं। इनमें Air India और Tata Electronics जैसे बड़े कारोबार शामिल हैं। इसलिए Tata Sons की सही वैल्यू तय करना दोनों पक्षों के लिए आसान नहीं होगा।

शेयर स्वैप के विकल्प में टाटा की लिस्टेड कंपनियां शामिल होंगी। ऐसे में इस प्रस्ताव पर कानूनी और नियामकीय सवाल भी उठ सकते हैं। दोनों पक्षों के सलाहकार संभावित डील के अलग-अलग ढांचों की कानूनी और रेगुलेटरी जांच कर रहे हैं।

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन के सामने बड़ी चुनौती

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) इस संभावित समझौते में अहम भूमिका निभा सकते हैं। Tata Trusts के पास Tata Sons की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है।

इसके अलावा नोएल टाटा का एसपी ग्रुप के साथ पारिवारिक संबंध भी है। उनकी शादी अलू मिस्त्री से हुई है, जो एसपी ग्रुप के चेयरमैन शपूर मिस्त्री की बहन हैं।

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