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    जब TCS ने निकाले 12000 कर्मचारी, तब इंफोसिस ने की उतनी ही भर्तियां; 20000 का है टारगेट, जानें क्या है प्लान?

    Updated: Thu, 16 Oct 2025 09:34 PM (GMT+05:30)

    TCS layoffs and Infosys hiring: इंफोसिस ने 12,000 कर्मचारियों की भर्ती की है, जबकि टीसीएस ने इतने ही कर्मचारियों को निकाला है। इंफोसिस डिजिटल कौशल वाल ...और पढ़ें

    इंफोसिस ने सिर्फ दूसरी तिमाही में ही 8203 नए कर्मचारियों की भर्तियां कीं।

    इंफोसिस ने सिर्फ दूसरी तिमाही में ही 8203 नए कर्मचारियों की भर्तियां कीं।

    नई दिल्ली| देश की दो दिग्गज आईटी कंपनियों की अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। पहली है-टीसीएस, जो भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है और उसने पिछले कुछ समय में 12000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी (TCS layoffs) कर दी। साथ ही, हायरिंग भी रोक रखी है।

    तो वहीं दूसरी तरफ है- नारायण मूर्ति इंफोसिस, जो देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। इंफोसिस (Infosys hiring) ने पिछले कुछ दिनों में 12000 से ज्यादा हायरिंग की है। साथ ही कंपनी के कमर्चारियों से रेफरल के जरिए टैलेंट हंट भी चला रखा है। खास बात यह है कि इंफोसिस ने ये हायरिंग तब की, जब टाटा ग्रुप की टीसीएस ने अपने कर्मचारियों की नौकरी से निकाला।

    इंफोसिस का 20000 भर्तियों का टारगेट

    इंफोसिस ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 12,000 फ्रेशर्स को नौकरी पर रखा है और पूरे साल में 20,000 भर्तियों का लक्ष्य तय किया है। इसे लेकर कंपनी के सीएफओ जयेश सांगराजका ने कहा कि, "साल की शुरुआत में हमारा लक्ष्य 15 से 20 हजार फ्रेशर्स का था। लेकिन अब हम 20,000 भर्ती के ट्रैक पर हैं।"

    यह भी पढ़ें- रतन टाटा की TCS ने छंटनी की तो इंफोसिस ने चला बड़ा दांव; कर्मचारियों को सौंपा भर्ती का जिम्मा, मिलेगा बंपर इनाम!

    इंफोसिस में अब 3,31,991 कर्मचारी

    मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिर्फ दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी ने 8,203 नए कर्मचारी जोड़े। इसके साथ ही इंफोसिस का कुल कर्मचारी आधार बढ़कर 3,31,991 हो गया। कंपनी की एट्रिशन रेट (छोड़ने की दर) भी घटकर 14.3% रह गई, जो बीते तिमाही से कम है।

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    दूसरी तिमाही में बेहतरीन रहा प्रदर्शन

    जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में इंफोसिस का नेट प्रॉफिट 13.2% बढ़कर 7,364 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू 44,490 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल से 8.6% ज्यादा है। जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन 21% रहा। साथ ही कंपनी ने शेयरधारकों को 23 प्रति शेयर का डिविडेंड देने की घोषणा की है, जो 9.5% की बढ़ोतरी है।

    आखिर इंफोसिस ने क्यों बढ़ाई भर्तियां?

    इंफोसिस एआई (AI) और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर तेजी से फोकस कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इन सेक्टर्स में कॉर्पोरेट खर्च बढ़ने से बिजनेस तेज़ी से बढ़ेगा। इसी वजह से इंफोसिस नए टैलेंट को जोड़कर भविष्य की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ TCS ने स्किल गैप और टेक्नोलॉजी शिफ्ट के चलते 2% वर्कफोर्स यानी करीब 12,000 लोगों को निकाला है।

    आईटी सेक्टर में अब साफ दिख रहा है कि जहां एक ओर कंपनियां खर्च घटा रही हैं, वहीं इंफोसिस नए लोगों को मौका देकर ग्रोथ की राह पकड़ रही है।