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    ये हैं भारत की टॉप 10 कैश रिच कंपनियां, रिलायंस नहीं सरकारी बैंक है नंबर 1; किस पायदान पर अंबानी की कंपनी?

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 12:43 PM (GMT+05:30)

    भारत में कैश रिच कंपनियां बाजार की मजबूती और भरोसे का प्रतीक हैं, जो आर्थिक अनिश्चितता में भी विकास करती हैं। इस सूची में SBI 4.01 लाख करोड़ रुपये के ...और पढ़ें

    रिच कैश कंपनियों में एसबीआई नंबर 1

    रिच कैश कंपनियों में एसबीआई नंबर 1

    HighLights

    1. कैश रिच कंपनियां बाजार की मजबूती और भरोसे का प्रतीक

    2. SBI 4.01 लाख करोड़ रुपये के साथ भारत की नंबर 1 कैश रिच कंपनी

    3. उच्च कैश इक्विवेलेंट कंपनियों को वित्तीय स्थिरता और विकास देता है

    नई दिल्ली। भारत में कैश रिच कंपनियां बाजार की मजबूती और भरोसे का बड़ा प्रतीक मानी जाती हैं। ये वो कंपनियां होती हैं जिनके पास अपने बिजनेस को चलाने के बाद भी हाथ में अच्छा-खासा सरप्लस कैश और कैश इक्विवेलेंट (किसी कंपनी की बैलेंस शीट में सबसे अधिक लिक्विड करंट एसेट्स) बचा रहता है। ऐसे में ये न सिर्फ आर्थिक मंदी और अनिश्चितता का सामना आसानी से कर लेती हैं, बल्कि नए प्रोजेक्ट्स, खरीदारी और रिसर्च में निवेश करके अपनी ग्रोथ को भी तेज कर देती हैं।
    निवेशक अक्सर इन कंपनियों को सुरक्षित दांव मानते हैं क्योंकि मजबूत कैश बैलेंस डिविडेंड देने, कर्ज घटाने और भविष्य में विस्तार के लिए लचीलापन देता है। कुल मिलाकर, कैश रिच कंपनियां बाजार में स्थिरता लाती हैं और लंबे समय में शेयरधारकों के लिए भरोसेमंद वैल्यू क्रिएट करती हैं। आइए जानते हैं भारत की टॉप कैश रिच कंपनियां कौन-सी हैं।

    रिलायंस नहीं ये है नंबर 1

    इस लिस्ट में पहले नंबर पर रिलांयस नहीं, बल्कि भारत का सबसे बड़ा बैंक SBI है। एसबीआई के पास 4.01 लाख करोड़ रुपये का कैश एंड कैश इक्विवेलेंट है। आइए जानते हैं कि टॉप 10 में और कौन-कौन सी कंपनियां शामिल हैं।

    ये हैं वे टॉप 10 कंपनियां

    नाम

    मार्केट कैपिटल

    (करोड़ रुपये)

    कैश एंड कैश इक्विवेलेंट

    (करोड़ रुपये)

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 935246.1738 401843.21
    एचडीएफसी बैंक 1132885.351 311926.05
    आईसीआईसीआई बैंक 1026549.449 264980.72
    रिलायंस इंडस्ट्रीज 1715519.934 243408
    केनरा बैंक 112693.7713 206330.43
    पंजाब नेशनल बैंक 128318.7116 164121.98
    बैंक ऑफ बड़ौदा 123698.9833 160823.12
    एक्सिस बैंक 380641.0289 109351.57
    कोटक महिंद्रा बैंक 383272.1959 102091.11
    बैंक ऑफ इंडिया 62061.96835 99589.38

    इन चीजों के लिए है जरूरी

    कैश एंड कैश इक्विवेलेंट अधिक होने से कंपनी को हाई लिक्विडिटी बनाए रखने, समय पर बिल चुकाने और फाइनेंशियल रिस्क कम करने में मदद मिलती है। ये सुरक्षित एसेट्स बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने और तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद करते हैं।

    • रोजाना के काम: कर्मचारियों की सैलरी, यूटिलिटी बिल और सप्लायर का पेमेंट बिना देरी के हो सकता है।
    • कर्ज से सुरक्षा: शॉर्ट-टर्म लोन और बिलों का पेमेंट समय पर कर सकती हैं, ताकि वे संकट न बन जाएं।
    • निवेश पर रिटर्न: ट्रेजरी बिल या मनी मार्केट फंड जैसे कैश-इक्विवेलेंट पर थोड़ा ब्याज मिलता है। कंपनियां शॉर्ट टर्म में पैसा लगाकर रिटर्न कमा सकती हैं।
    • तनाव कम: बिक्री घटने या लागत बढ़ने पर महंगे इमरजेंसी लोन लेने से सेफ्टी।


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