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    अमेरिका से UAE तक पी रहे भारत का नारियल पानी! ये हैं टॉप 10 उत्पादक राज्य, नंबर-1 वाले ने उगाए 625 करोड़

    Updated: Wed, 13 May 2026 12:46 PM (IST)

    भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है, जिसने FY25 में वैश्विक उत्पादन का 30% से अधिक हिस्सा पैदा किया। तमिलनाडु FY25 में 625.2 करोड़ नारियल उ ...और पढ़ें

    तमिलनाडु है सबसे बड़ा नारियल उत्पादक राज्य (AI फोटो)

    तमिलनाडु है सबसे बड़ा नारियल उत्पादक राज्य (AI फोटो)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश (Most Coconut Producing Country in the World) है। FY25 में देश में लगभग 2020 करोड़ नारियल का उत्पादन हुआ, जो वैश्विक उत्पादन का 30% से अधिक हिस्सा है। देश में नारियल की उत्पादकता भी काफी हाई है, जो FY25 में 9,249 नट्स प्रति हेक्टेयर रही। उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिण भारत में केंद्रित है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश देश के कुल नारियल उत्पादन में सबसे आगे हैं।
    नारियल अर्थव्यवस्था 1.2 करोड़ से ज्यादा लोगों को आजीविका देती है। आइए जानते हैं कि भारत में सबसे ज्यादा नारियल उगाने वाले टॉप 10 राज्य कौन-कौन से हैं।

    पहले नंबर पर ये राज्य

    भारत में सबसे अधिक नारियल उगाने वाले राज्यों की लिस्ट में पहले नंबर पर तमिलनाडु है। FY25 में तमिलनाडु में कुल 625.2 करोड़ नारियलों का उत्पादन हुआ। इससे पहले FY24 में पहले नंबर पर कर्नाटक रहा था, मगर FY25 में तमिलनाडु ने कर्नाटक को पीछे छोड़ दिया।

    ये रही टॉप 10 की लिस्ट

    क्रम संख्या राज्य पैदावार (करोड़ में)
    1 तमिलनाडु 625.2
    2 कर्नाटक 549
    3 केरल 515
    4 आंध्र प्रदेश 173.5
    5 पश्चिम बंगाल 42.68
    6 ओडिशा 40
    7 गुजरात 26.10
    8 असम 12.6
    9 महाराष्ट्र 11.45
    10 त्रिपुरा 2


    किन देशों को होता है निर्यात?

    भारत दुनिया भर के 140 से अधिक देशों को नारियल का निर्यात करता है। भारत से नारियल के प्रमुख आयातक वियतनाम, UAE, बांग्लादेश, मलेशिया और USA शामिल हैं।

    GDP में कितना योगदान?

    नारियल उद्योग भारत की GDP में लगभग ₹30750 करोड़ का योगदान देता है, जिससे 1 करोड़ से अधिक किसानों को आजीविका मिलती है और 15,000 से अधिक कॉयर-आधारित उद्योगों को सहायता मिलती है। इसके मुख्य उत्पादों में खोपरा, नारियल तेल और कॉयर शामिल हैं। साथ ही, डेसिकेटेड कोकोनट, नारियल पानी और क्रीम जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों में इसका जमकर इस्तेमाल होता है।

    सरकार की सहायता

    2026-27 के केंद्रीय बजट में उच्च-मूल्य वाली कृषि के लिए आवंटित ₹350 करोड़ की राशि के हिस्से के रूप में एक "नारियल संवर्धन योजना" (Coconut Promotion Scheme) शुरू की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य पुराने और कम पैदावार देने वाले पेड़ों को बदलना है।

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