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    अदाणी के खिलाफ जिस अमेरिकी विभाग ने ठोका था मुकदमा, अब उसी के निशाने पर आ गया चीन; हार्वर्ड से जुड़ा है मामला

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 03:51 PM (IST)

    अमेरिकी न्याय विभाग, जिसने गौतम अदाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था, अब चीन के खिलाफ फंडिंग से जुड़े मामले की जांच कर रहा है। ...और पढ़ें

    अमेरिकी न्याय विभाग हार्वर्ड के चीन-आधारित वित्तीय सहायता की जांच कर रहा है। (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिकी न्याय विभाग हार्वर्ड के चीन-आधारित वित्तीय सहायता की जांच कर रहा है। (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी के खिलाफ मामला वापस लिया।

    2. विभाग अब हार्वर्ड में चीनी फंडिंग की जांच कर रहा है।

    3. चीनी दानदाताओं द्वारा अमेरिकी छात्रों को छात्रवृत्ति से बाहर रखने की आशंका।

    नई दिल्ली। अमेरिका में भारत के अरबपति गौतम अदाणी के खिलाफ जिस विभाग ने कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का (Adani US Case) केस दर्ज किया था और जांच शुरू की थी अब उसी विभाग के निशाने पर चीन आ गया है।

    अदाणी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को तो वापस लेने के लिए विभाग ने कोर्ट में अर्जी डाल दी है। और अपना जवाब भी दे दिया है। लेकिन अब चीन के खिलाफ फंडिंग से जुड़े मामले की जांच शुरू कर  दी है। आइए पूरी खबर जानते हैं।

    अमेरिका के इस विभाग ने चीन के खिलाफ खोला मोर्चा

    अमेरिका के जिस विभाग ने अदाणी (Adani US Justice Department) के खिलाफ नवंबर 2024 में कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था उस विभाग का नाम है न्याय विभाग। अब इसी विभाग ने चीन से जुड़े एक मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है।

    खबर है कि अमेरिकी न्याय विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या हार्वर्ड विश्वविद्यालय चीनी दानदाताओं को अमेरिकी छात्रों को छोड़कर छात्रवृत्ति बनाने की इजाजत दे रहा है। इस मामले में ट्रंप प्रशासन ने आइवी लीग स्कूल के खिलाफ अपनी लड़ाई में संघीय जांच शुरू कर दी है।

    एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार न्याय विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को नई समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि हार्वर्ड के विदेशी फंडिंग खुलासे ने अमेरिकी छात्रों के खिलाफ संभावित भेदभाव के बारे में "चिंताएं बढ़ा दी हैं"।

    एजेंसी ने यह नहीं बताया कि कौन से छात्रवृत्ति कार्यक्रमों को टारगेट किया जा रहा है और इस बात पर जोर दिया कि "किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।"

    हार्वर्ड विश्वविद्यालय को चीन से मिली 630 मिलियन डॉलर

    हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों को विदेशों से फंडिंग मिलती है। यह फंडिंग दान या फिर कॉन्ट्रैक्ट के जरिए ली जाती है। अब इसी फंडिंग के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और तावनी दी है कि विदेशी दुश्मनों से फंडिंग लेना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।

    हार्वर्ड की फेडरल रिपोर्ट से पता चलता है कि विश्वविद्यालय ने कई दशकों में चीनी स्रोतों से 630 मिलियन डॉलर लिए हैं। कुल मिलाकर, उसने लगभग 4.5 बिलियन डॉलर की विदेशी फ़ंडिंग की जानकारी दी है। जस्टिस डिपार्टमेंट ने इन आंकड़ों का जिक्र तो किया, लेकिन किसी खास डोनर या प्रोग्राम का नाम नहीं लिया जिनकी समीक्षा की जा रही है।

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