सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेरिका-ईरान युद्ध से कच्चे तेल के बाजार में हाहाकार: ब्रेंट क्रूड $100 के करीब! क्या आप पर पड़ेगा इसका असर?

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:48 AM (IST)

Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक कच्चे तेल बाजार में भारी उछाल ला ...और पढ़ें

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब!

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब!

HighLights

  1. अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड $96.50 के पार, $100 के करीब।

  2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों पर मंडराया खतरा, वैश्विक आपूर्ति बाधित।

  3. भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और महंगाई बढ़ने की आशंका।

बिजनेस डेस्क,नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle east) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। दोनों देशों के बीच हुए ताजा हमलों और स्ट्रेट ऑफ हॉमुर्ज में तेल टैंकरों पर मंडराते खतरे के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड $96 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है और एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह जल्द ही $100 के करीब पहुंच जाएगा।

क्या है वर्तमान की स्थिति?

ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 7.6% की साप्ताहिक उछाल के बाद $96.50 के पार पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 10% उछलकर $91.50-$92 प्रति बैरल पर आ गया है। जुलाई के बाद यह इनकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है। अमेरिका ने अपने नौसेना युद्धपोतों पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले शुरू कर दिए हैं।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉमुर्ज के पार आने वाले दिनों में एक "प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र" (Restricted maritime zone) लागू करने की चेतावनी दी है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।

अमेरिकी सेना का एक्शन?

अमेरिकी ऊर्जा मंत्री (US Energy Secretary) क्रिस राइट ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखेगा। समें ईरानी तेल निर्यात को रोकने के लिए नाकाबंदी और होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करना शामिल है।

तमाम तनावों के बावजूद, अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में सोमवार को होर्मुज से रिकॉर्ड 1.7 करोड़ (17 मिलियन) बैरल तेल गुजरा, जो युद्ध के दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड है। हालांकि, व्यापारी इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि कोई भी बड़ा हमला इस सप्लाई को कभी भी रोक सकता है।

रिफाइंड प्रोडक्ट्स और डीजल के दामों में रिकॉर्ड तेजी

कच्चे तेल से ज्यादा असर रिफाइंड प्रोडक्ट्स (Refined Products) पर दिख रहा है। अमेरिका में रिटेल डीजल की कीमतें $5.85 प्रति गैलन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ICE गैसऑयल क्रैक (कच्चे तेल और डीजल के बीच का रिफाइनिंग मार्जिन) भी $79 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो बाजार में डीजल की भारी कमी और पैनिक का संकेत देता है

भारत में क्या होगा असर?

अगर ब्रेंट क्रूड $100 के पार जाता है और वहां टिका रहता है, तो भारत जैसे देशों के लिए आयात बिल बहुत तेजी से बढ़ेगा। कच्चे तेल में इस तेजी का सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल (Petrol diesel Price) की खुदरा कीमतों और घरेलू महंगाई पर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: राशन कार्ड में गलत नाम, पता और बर्थ डेट बदलना हुआ आसान, घर बैठे ऐसे करें ये काम; स्टेप-बॉय-स्टेप प्रोसेस