क्या है प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल, जो 22 रुपये तक हुआ महंगा; आपकी जेब पर बढ़ोतरी का सीधा पड़ेगा असर
Petrol Diesel Price Hike: ईरान में जारी संघर्ष के कारण भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 और इंडस्ट्र ...और पढ़ें

क्या है प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल, जो 22 रुपये तक हुआ महंगा; बढ़ोतरी का आपकी जेब पर सीधा पड़ेगा असर
HighLights
प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09, इंडस्ट्रियल डीजल ₹22.03 प्रति लीटर महंगा।
ईरान संघर्ष के कारण भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ीं।
बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ेगी, आम जनता की जेब पर असर।
नई दिल्ली। Petrol Diesel Price Hike: ईरान में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है। इसका असर भारत पर भी दिखना शुरू हो गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (petrol price hike) और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों (diesel price Hike) में बढ़ोतरी करके इसकी शुरुआत कर दी है। प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 प्रति लीटर महंगा हुआ तौ इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में 22.03 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत (diesel price) में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 87.57 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। यह 25 प्रतिशत से भी ज्यादा की बड़ी बढ़ोतरी है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। भले ही अभी तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने नॉर्मल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अभी इजाफा नहीं किया है लेकिन इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी भरकम बढ़ोतरी से इसका असर सीधा आम जनता पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल होता क्या है और इसके महंगे होने से आम जनता की जेब पर क्या असर पड़ेगा?
क्या होता है प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल
पेट्रोल में ऑक्टेन नंबर ज्यादा होने से प्रीमियम पेट्रोल, रेगुलर पेट्रोल से अलग हो जाता है। आम तौर पर, प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 91 या उससे ज्यादा होता है। ज्यादा ऑक्टेन नंबर के अलावा, प्रीमियम पेट्रोल में कुछ एडिटिव्स भी होते हैं। ये एडिटिव्स यह पक्का करते हैं कि इंजन आसानी से चले और इंजन में कोई कीचड़ न जमे।
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प्रीमियम पेट्रोल (petrol prices) के मुकाबले नॉर्मल पेट्रोल का ऑक्टेन लेवल कम होता है। नॉर्मल पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 87 होती है। इसके अलावा, प्रीमियम पेट्रोल के विपरीत, नॉर्मल पेट्रोल में कोई एडिटिव्स (मिलावट) नहीं होते। इन दो कारणों से ही प्रीमियम पेट्रोल की तुलना में नॉर्मल पेट्रोल की कीमत कम होती है।
वहीं, बात करें इंडस्ट्रियल डीजल कि तो यह हाई स्पीड डीजल होता है। इंडस्ट्रियल डीजल एक बड़ी मात्रा में मिलने वाला, अक्सर कम रिफाइन किया हुआ डीजल ईंधन है, जो सड़क पर चलने वाले वाहनों के बजाय भारी मशीनों, जनरेटरों, खनन उपकरणों और औद्योगिक बॉयलरों के लिए बनाया गया है। इसे अक्सर खुदरा पंपों को छोड़कर, थोक में बेचा जाता है, और अक्सर इसे लाल रंग से रंगा जाता है ताकि यह पता चल सके कि यह इंडस्ट्रियल डीजल है।
इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने से आप पर कैसे पड़ेगा असर?
इंडस्ट्रियल डीजल आम पेट्रोल पंपों से नहीं बेचा जाता, बल्कि इसे मुख्य रूप से सीधे फैक्ट्रियों, कंस्ट्रक्शन साइटों, माइनिंग ऑपरेशन्स, बड़े जनरेटरों और पावर प्लांटों को सप्लाई किया जाता है। नतीजतन, कीमतों में बढ़ोतरी से मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियों की इनपुट लागत बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ सकता है।
| किस शहर में कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत | ||
| शहर | पेट्रोल ( ₹ /L) | डीजल ( ₹ /L) |
| दिल्ली | ₹94.77 | ₹87.67 |
| मुंबई | ₹103.54 | ₹90.03 |
| कोलकाता | ₹105.45 | ₹92.02 |
| चेन्नई | ₹100.84 | ₹92.39 |
| हैदराबाद | ₹107.46 | ₹95.70 |
| बेंगलुरु | ₹102.96 | ₹90.99 |
| लखनऊ | ₹94.69 | ₹87.81 |
| अहमदाबाद | ₹94.49 | ₹90.17 |
इंडस्ट्रियल लेवल पर डीजल की बढ़ती लागत का असर आखिरकार सभी सेक्टरों में कीमतों पर पड़ सकता है; यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां इस बढ़ोतरी को खुद वहन करती हैं या इसे ग्राहकों पर डाल देती हैं।
वैसे आम आदमी इंडस्ट्रियल डीजल तो नहीं खरीदता लेकिन इसकी कीमत बढ़ने से इसका असर आप पर पड़ सकता है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। ट्रांसपोर्ट रेट भी बढ़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
प्रीमियम पेट्रोल महंगा होने से आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। क्योंकि प्रीमियम पेट्रोल आप भी अपनी बाइक और कार में डलाते हैं। इसे तो आप सीधा इस्तेमाल करते हैं। यानी प्रीमियम पेट्रोल महंगा होने से आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।