सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ITR: क्या होता है Form 16, कौन करता है जारी; आईटीआर फाइल करने के लिए क्यों होता है ये फॉर्म जरूरी

    Updated: Sat, 20 Jan 2024 09:00 AM (IST)

    आईटीआर फाइल करने के लिए फॉर्म 16 (Form 16) एक जरूरी दस्तावेज है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक हर कंपनी के कर्मचारी जिनका कि टैक्स काटा जाता है उनके ...और पढ़ें

    ITR: क्या होता है Form 16, कौन करता है जारी, यहां जानिए सबकुछ
    ITR: क्या होता है Form 16, कौन करता है जारी, यहां जानिए सबकुछ

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सैलरी पाने वाले लोगों के लिए फॉर्म 16 (Form 16) एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसका उपयोग आईटीआर फाइल करने के लिए किया जाता है। ये टीडीएस सर्टिफिकेट (TDS Certificate)का भी काम करता है।

    आईटीआर फाइल करने के लिए फॉर्म 16 (Form 16) एक जरूरी दस्तावेज है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक हर कंपनी के कर्मचारी जिनका कि टैक्स काटा जाता है, उनके लिए कंपनी को फॉर्म 16 जारी करना अनिवार्य है।

    इतना ही नहीं, कंपनियों को इसके लिए एक तय समय लिमिट का भी ध्यान रखना होता है।

    किन कर्मचारियों के लिए जारी होता है Form 16

    हर साल 15 जून तक कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए इस फॉर्म को जारी कर देती हैं। यह फॉर्म कंपनी के मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ बीते वित्त वर्ष में कंपनी के लिए काम कर चुके पुराने कर्मचारियों के लिए जारी होता है।

    यहां सवाल यह आता है कि इनकम टैक्स फाइल करने के लिए जरूरी यह फॉर्म क्या है और इसमें किस तरह की जानकारियां होती हैं।

    ये भी पढ़ेंः PM Vishwakarma Yojana: खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार करेगी आपकी मदद, बिना गारंटी ऐसे मिलेगा 3 लाख रुपये का लोन

    Form 16 क्या होता है

    एक वित्त वर्ष के दौरान किसी सैलरीड पर्सन की सैलरी से काटे गए टैक्स और टैक्स छूट की जानकारी वाला फॉर्म Form 16 है।

    इस फॉर्म के दो हिस्से होते हैं- पार्ट A और पार्ट B। इस फॉर्म के दोनों हिस्सों को TRACES पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।

    फॉर्म के पार्ट A में किसी वित्त वर्ष के लिए काटे गए टीडीएस की जानकारी होती है। इस पार्ट में कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी का पैन और कंपनी का टैन नंबर होता है।

    फॉर्म के पार्ट B में कर्मचारी की सैलरी, अलाउंस, एचआरए और स्पेशल अलाउंस से जुड़ी जानकारी होती है। इस पार्ट में कर्मचारी को कंपनी की ओर से मिलने वाली दूसरी सुविधाएं भी शामिल होती हैं।