8th Pay Commission क्यों टला? बजट 2026 का असर, सैलरी हाइक और एरियर पर ICRA का बड़ा दावा; समझें पूरा गणित
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के 8वें वेतन आयोग में देरी हो रही है, जो जनवरी 2026 से लागू होना था। ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की रिपोर ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| जनवरी 2026 बीत चुका है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे साफ संकेत मिलता है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने में देरी हो सकती है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट बताती है कि देरी का असर सिर्फ कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि बजट 2026-27 (Union Budget 2026) और आने वाले वर्षों की सरकारी वित्तीय स्थिति पर भी गहराई से पड़ेगा।
अब तक उम्मीद थी कि 10 साल के चक्र के मुताबिक 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा, जैसे 7वां वेतन आयोग 2016 में हुआ था। लेकिन इन्वेस्टमेंट इन्फोर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (ICRA) का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट आने में अभी 15-18 महीने लग सकते हैं। यानी फिलहाल सैलरी रिवीजन की संभावना कम है।
सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी दबाव
ICRA के बजट 2026-27 आउटलुक के मुताबिक, वेतन आयोग का असली वित्तीय असर तुरंत नहीं, बल्कि FY-2028 में दिखेगा। अगर सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव लागू करती है, तो कर्मचारियों को 15 महीने या उससे ज्यादा का एरियर एक साथ देना पड़ सकता है। इससे सरकारी खजाने पर अचानक भारी दबाव बनेगा। एजेंसी का अनुमान है कि सिर्फ FY2028 में सैलरी खर्च 40-50% तक उछल सकता है।
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क्या कहते हैं पिछले एक्सपीरियंस?
पिछले अनुभव भी चेतावनी देते हैं। 7वें वेतन आयोग में केवल 6 महीने के एरियर के बावजूद एक साल में वेतन खर्च 20% से ज्यादा बढ़ गया था। वहीं 6वें वेतन आयोग में देरी के कारण ढाई साल से ज्यादा के एरियर बने, जिससे कई साल तक बजट पर दबाव रहा।
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ICRA ने क्या जताई उम्मीद?
इस संभावित झटके से निपटने के लिए ICRA को उम्मीद है कि सरकार FY2027 में कैपेक्स पहले से ज्यादा रखेगी। अनुमान है कि पूंजीगत खर्च करीब 14% बढ़कर 13.1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य चलते रहें। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए संदेश साफ है कि सैलरी बढ़ोतरी टली है, खत्म नहीं हुई। देरी से अनिश्चितता बढ़ी है, लेकिन लागू होने पर एरियर बड़ा हो सकता है।
साफ शब्दों में कहें तो 8वां वेतन आयोग अब सिर्फ वेतन संशोधन नहीं, बल्कि आने वाले कई बजटों को प्रभावित करने वाला बड़ा वित्तीय मुद्दा बन चुका है।