सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Budget 2026: नया इनकम टैक्स 1 अप्रैल से लागू, रिवाइज्ड ITR 31 मार्च तक; इनकम मिसरिपोर्टिंग पर 100% पेनाल्टी

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 01:55 PM (IST)

    FM nirmala sitharaman budget speech: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में नए इनकम टैक्स एक्ट की घोषणा की, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह ...और पढ़ें

    Budget 2026: नया इनकम टैक्स 1 अप्रैल लागू, रिवाइज्ड ITR 31 मार्च तक; इनकम मिसरिपोर्टिंग पर 100% पेनाल्टी

    Budget 2026: नया इनकम टैक्स 1 अप्रैल लागू, रिवाइज्ड ITR 31 मार्च तक; इनकम मिसरिपोर्टिंग पर 100% पेनाल्टी

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इनकम टैक्स से जुड़े कई बड़े ऐलान किए हैं, जो आम आदमी और टैक्सपेयर्स के लिए राहत और आसानी लाने वाले हैं। सबसे बड़ा बदलाव ये है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। ये इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा, जो पुराना और जटिल था। नए नियम और फॉर्म जल्द नोटिफाई हो जाएंगे, ताकि टैक्सपेयर्स को तैयारी का समय मिले।

    नए इनकम टैक्स से जुड़े मुख्य बदलाव

    • ITR रिवाइज करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि, जुर्माने के तौर पर कुछ छोटी फीस देनी होगी।
    • ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की डेडलाइन जुलाई 31 ही रहेगी, कोई बदलाव नहीं।
    • ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS की दर घटाकर सिर्फ 2% कर दी गई है, अभी तक यह 5% से 20% तक थी)।
    • छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम लाई जाएगी, जिससे विदेशी एसेट्स बताने का मौका मिलेगा।
    • नॉन-रेजिडेंट्स द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर TDS लगेगा।
    • इनकम मिसरिपोर्टिंग पर पेनल्टी अब टैक्स अमाउंट का 100% होगी, यानी सख्ती बढ़ेगी।
    • सरलीकृत इनकम टैक्स रूल्स जल्द नोटिफाई होंगे।

    फिस्कल डेफिसिट पर भी फोकस

    FY27 में फिस्कल डेफिसिट 4.3% GDP रहने का अनुमान है, जो पहले से बेहतर है। डेब्ट-टू-GDP रेशियो FY27 में 55.6% तक सुधरकर आएगा (FY26 में 56.1% था)। FY26 का फिस्कल डेफिसिट 4.4% रहेगा। ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग 17.2 लाख करोड़ और नेट 11.7 लाख करोड़ अनुमानित है।

    नेट टैक्स रिसीट्स FY27 में 28.75 लाख करोड़ रहने की उम्मीद है।ये बदलाव टैक्स सिस्टम को आसान, ट्रांसपेरेंट और कंप्लायंस फ्रेंडली बनाने की दिशा में हैं। नए टैक्स एक्ट से पुरानी जटिलताएं खत्म होंगी, ITR फाइलिंग आसान होगी और छोटे-मोटे गलतियों पर ज्यादा राहत मिलेगी। मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को ये बजट टैक्स मैनेजमेंट में मददगार साबित होगा।