यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget 2025: आयकर व्यवस्था में बड़े बदलाव का क्या होगा असर? मध्यम वर्ग को कितनी मिलेगी राहत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए बजट में प्रति वर्ष 12.75 लाख रुपये तक की आय वाले वेतनभोगी व्यक्तियों को कर से पूर्ण छूट ...और पढ़ें

HighLights
- आयकर व्यवस्था में बदलाव से मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है
- आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन
जेएनएन, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए बजट में प्रति वर्ष 12.75 लाख रुपये तक की आय वाले वेतनभोगी व्यक्तियों को कर से पूर्ण छूट प्रदान की गई है। आयकर व्यवस्था में यह बदलाव न केवल मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन को लागू करने की सरकार की उत्सुकता को भी दर्शाता है। आइए, जानते हैं आयकर व्यवस्था में इस बदलाव का क्या होगा असर..
कर स्लैब में बदलाव किस श्रेणी के व्यक्तियों के लिए फायदेमंद है?
नई कर व्यवस्था किसी भी व्यक्ति पर लागू होती है। चाहे वह हिंदू अविभाजित परिवार का सदस्य हो, या (सहकारी समिति के अलावा) व्यक्तियों का कोई संगठन हो, या (व्यक्तियों का) कोई निकाय हो - भले ही वह निगमित हो अथवा नहीं; या धारा दो के खंड (31) के उप-खंड (सात) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति हो। तदनुसार, कर स्लैब में बदलाव से इन सभी व्यक्तियों को लाभ होगा।
12 लाख रुपये की आय वाले व्यक्ति को नई दरों से क्या लाभ होगा?
पहले किसी भी व्यक्ति को 12 लाख रुपये की आय के लिए 80,000 रुपये (नई व्यवस्था में) का कर देना पड़ता था। अब उसे ऐसी आय पर कोई कर नहीं देना होगा।
क्या नई व्यवस्था में वेतन पर मानक कटौती उपलब्ध है?
हां, नई व्यवस्था में करदाता को 75,000 रुपये की मानक कटौती उपलब्ध है। इसलिए, वेतनभोगी करदाता को कोई कर नहीं देना होगा, जहां मानक कटौती से पहले उसकी आय 12,75,000 रुपये से कम या उसके बराबर है।
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क्या पुरानी व्यवस्था में मानक कटौती उपलब्ध है?
पुरानी व्यवस्था में 50,000 रुपये की मानक कटौती उपलब्ध है।
12,10,000 रुपये की आय वाले करदाता को कितना कर देना होगा? सीमांत राहत क्या है?
ऐसे करदाता पर स्लैब के अनुसार केवल 61,500 रुपये की कर देयता है। हालांकि, 12 लाख रुपये की आय वाला व्यक्ति शून्य कर का भुगतान करता है। सीमांत राहत प्रदान करके यह सुनिश्चित किया गया है कि 12 लाख रुपये से थोड़ी अधिक आय वाले व्यक्ति को 12 लाख रुपये से अधिक की आय के बराबर कर की केवल सीमांत राशि का भुगतान करना होगा ताकि उसके पास घर ले जाने के लिए भी 12 लाख रुपये हों। इस मामले में उसे 10,000 रुपये का कर देना होगा।
किसी भी करदाता को मिलने वाली छूट की अधिकतम राशि क्या है?
अधिकतम छूट 60,000 रुपये है जो 12 लाख की आय वाले करदाता के लिए है, जिस पर नए स्लैब के अनुसार कर देय है।
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