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    Economic Survey 2026: सरकार के ये 3 कदम अर्थव्यस्था के लिए बने गेमचेंजर, ट्रंप टैरिफ भी नहीं बन पाया रोड़ा; आर्थिक सर्वे में खुलासा

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 01:23 PM (IST)

    आर्थिक सर्वे 2026 (Economic Survey 2026) के अनुसार, अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू ...और पढ़ें

    आर्थिक सर्वे में जीडीपी ग्रोथ के लिए अनुमान कितना?

    आर्थिक सर्वे में जीडीपी ग्रोथ के लिए अनुमान कितना?

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    नई दिल्ली। देश की जीडीपी (GDP) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह चालू वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है। संसद में गुरुवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे (Economic Survey 2026) में यह जानकारी दी गयी है। बजट से पहले पेश हुए सर्वे में कहा गया है कि, ‘‘कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता के बीच ग्रोथ का आउटलुक मजबूत है। इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन निराशावादी होने की जरूरत नहीं है।’’ सर्वे के अनुसार घरेलू फैक्टर्स की प्रमुख भूमिका और मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी के मजबूत होने के कारण, ग्रोथ से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिति मोटे तौर पर संतुलित बनी हुई है।’

    वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की स्थिति मजबूत

    सर्वे में कहा गया है कि, "वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया।"

    1. मुख्य बिंदु : सरकार के बड़े कदम

    • सरकार ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाया
    • GST सुधार (Rationalisation) : टैक्स ढांचे को और सरल बनाया गया
    • डिरेगुलेशन (Deregulation) : व्यापार करने की बाधाओं को कम किया गया
    • कंप्लायंस (अनुपालन) का सरलीकरण : सभी क्षेत्रों में नियमों के पालन को आसान बनाया गया

    2. वैश्विक चुनौतियां और AI का जोखिम

    दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए मध्यम अवधि (Medium-term) का नजरिया थोड़ा धुंधला है। यहाँ कुछ बड़े जोखिम हैं:

    • AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बबल : यदि AI से उम्मीद के मुताबिक प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ी, तो एसेट वैल्यूएशन (Asset Valuations) में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों पर पड़ेगा
    • व्यापार युद्ध (Trade Conflicts) : देशों के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल ग्रोथ कमजोर हो सकती है

    3. भारत के लिए क्या हैं संकेत?

    सर्वे के अनुसार भारत के लिए राहत की बात यह है कि हमारे पास मजबूत घरेलू आधार है

    खबरें और भी

    • विकास दर (GDP Growth) : FY27 के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है
    • महंगाई (Inflation) : मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है, हालांकि भविष्य में इसमें मामूली बढ़त की संभावना है
    • बैलेंस शीट की मजबूती : भारतीय परिवारों, कंपनियों और बैंकों की वित्तीय स्थिति (Balance Sheets) अब पहले से कहीं अधिक सेहतमंद है

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