1860 में आए पहले बजट में कितनी इनकम वालों को मिली थी टैक्स से छूट? आज जानकर आ जाएगी हंसी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट (Union Budget 2026) पेश करने से पहले, भारत के पहले बजट का इतिहास जानें। 1860 में स्कॉटिश जेम्स विल्सन ने यह बजट पे ...और पढ़ें

जेम्स विल्सन ने 1860 में लगाया था इनकम टैक्स
HighLights
जेम्स विल्सन ने 1860 में भारत का पहला बजट पेश किया
उन्होंने 1857 के विद्रोह के बाद इनकम टैक्स शुरू किया था
₹200 से अधिक आय पर कर लगाकर नींव रखी गई
नई दिल्ली। 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट (Union Budget 2026) पेश करेंगी। मगर क्या आप जानते हैं कि पहला बजट एक स्टॉटिश शख्स ने पेश किया था? जी हां, जेम्स विल्सन, जो एक स्कॉटिश थे, ने भारत का पहला बजट बनाया था। उन्होंने सन 1860 में पेश किए गए पहले बजट में इनकम टैक्स एक्ट भी पेश किया था। इससे एक विवाद भी खड़ा हो गया था। मगर तब विल्सन ने तर्क दिया था कि अंग्रेजों ने भारतीयों को व्यापार करने के लिए सुरक्षित माहौल दिया है, इसलिए इनकम टैक्स के रूप में फीस लेना सही है। आइए जानते हैं कि कितनी इनकम पर टैक्स लगाया गया था।0
कितनी इनकम वालों को मिली थी टैक्स से छूट?
रिपोर्ट्स के अनुसार 1860 में भारत का पहला इनकम टैक्स एक्ट जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश बजट में 1857 के विद्रोह से हुए फाइनेंशियल घाटे (अंग्रेजी शासन को) को पूरा करने के लिए पेश किया था। इसमें सालाना ₹200 से ज्यादा इनकम वालों पर टैक्स लगाया गया। यानी 200 रुपये से कम आय वालों को टैक्स से छूट थी।
चार शेड्यूल में लगाया गया था टैक्स
1860 में चार शेड्यूल (जमीन, व्यापार, सिक्योरिटीज और सैलरी) में एक ग्रेडेड सिस्टम (2-4%) के तहत इनकम टैक्स लगाया गया था। इस शुरुआती टैक्स सिस्टम से अंग्रेजी हुकूमत को तब 30 लाख रुपये की कमाई हुई थी। उसी टैक्स एक्ट ने आधुनिक भारतीय टैक्सेशन की नींव रखी।
कब पेश किया गया था पहला बजट?
जेम्स विल्सन ने 1860 में 7 अप्रैल को बजट पेश किया था। उस बजट में लगाया गया टैक्स भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के बड़े प्रयास का हिस्सा था, जिसमें विल्सन को पेपर करेंसी शुरू करने का काम भी सौंपा गया था। भारत में इनकम टैक्स दिवस (24 जुलाई) इसी महत्वपूर्ण घटना की याद में मनाया जाता है।
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कब भारत आए थे विल्सन?
विल्सन 28 नवंबर, 1859 को भारत आए। ये उस घटना के दो साल बाद की बात है जिसे ब्रिटिश सिपाही विद्रोह कहते थे और भारतीय आजादी की पहली लड़ाई। इस घटना ने सरकार के रिसोर्स खत्म कर दिए थे। बढ़े हुए मिलिट्री खर्च की वजह से सरकार पर बहुत ज्यादा कर्ज हो गया था।
विल्सन, जो इकोनॉमिस्ट थे और जिन्हें मार्केट कैसे काम करता है इसकी गहरी जानकारी थी, उन्हें ऐसा आदमी माना गया जो इस गंभीर फाइनेंशियल हालत को सुधार सकता था।