TCS और NVIDIA का बड़ा धमाका: बेंगलुरु में खुली देश की पहली 'इंडस्ट्रियल AI लैब', बदल जाएगी मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और NVIDIA ने बेंगलुरु में भारत की पहली 'ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग लैब' का उद्घाटन किया है। यह लैब मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग ...और पढ़ें

TCS और NVIDIA का बड़ा धमाका
HighLights
TCS और NVIDIA ने बेंगलुरु में 'ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग लैब' शुरू की।
यह लैब मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग के लिए AI समाधान बनाएगी।
कंपनियों के AI प्रोजेक्ट्स को पायलट से उत्पादन तक ले जाएगी।
नई दिल्ली: भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। TCS द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कंपनी ने बेंगलुरु स्थित अपने 'ग्लोबल एक्सिस कैंपस' में NVIDIA के सहयोग से एक अत्याधुनिक 'ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग लैब' (Autonomous Engineering Lab) की शुरुआत की है।
यह लैब अपनी तरह की पहली ऐसी सुविधा है, जो NVIDIA के AI इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके मोबिलिटी (वाहनों) और मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) के क्षेत्र में AI-आधारित समाधानों को विकसित और तैनात करेगी।
पायलट प्रोजेक्ट से हकीकत तक का सफर
इस लैब का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को उनके AI प्रोजेक्ट्स को केवल टेस्टिंग (पायलट) तक सीमित न रखकर, उन्हें बड़े पैमाने पर उत्पादन (Production) तक ले जाने में मदद करना है। यहां कंपनियां अपने नए आइडियाज का प्रोटोटाइप बना सकेंगी और वास्तविक दुनिया में लागू करने से पहले उनका सिमुलेशन (डिजिटल परीक्षण) कर सकेंगी।
लैब की प्रमुख विशेषताएं और समाधान
इस लैब में कई एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा, जिन्हें नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:
1. TCS DriveSphere: सॉफ्टवेयर-आधारित वाहनों के लिए एक कनेक्टेड AI प्लेटफॉर्म।
2. ऑटोनॉमस सिस्टम: बिना ड्राइवर वाली ड्राइविंग और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) का विकास।
3. स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग: मशीनों में AI का उपयोग ताकि वे खुद अपनी मरम्मत (Predictive Maintenance) की जरूरत को पहचान सकें।
4. डिजिटल ट्विन (Digital Twin): फैक्ट्रियों और वाहनों का डिजिटल मॉडल बनाकर उनकी कार्यक्षमता की जांच करना।
5. एजेंटिक AI (Agentic AI): ऐसे सिस्टम जो इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग में खुद फैसले लेने में सक्षम हों।
दिग्गजों ने क्या कहा?
TCS के इंडस्ट्रियल ऑटोनॉमी और इंजीनियरिंग के ग्लोबल हेड, श्रीनिवास चक्रवर्ती ने कहा, "बेंगलुरु लंबे समय से भारत की अर्थव्यवस्था का इंजन रहा है। NVIDIA के शक्तिशाली AI प्लेटफॉर्म और TCS की विशेषज्ञता के साथ, हम एक ऐसा स्थान बना रहे हैं जहां विचार तेजी से वास्तविक प्रभाव में बदलेंगे।"
वहीं, NVIDIA के वाइस प्रेसिडेंट एल्विन डिकोस्टा ने कहा कि यह लैब कंपनियों को सिमुलेशन और वास्तविक दुनिया के बीच के अंतर को पाटने में मदद करेगी, जिससे अगली पीढ़ी के औद्योगिक समाधान तैयार होंगे।
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TCS का भविष्य का लक्ष्य
TCS का लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी AI-आधारित टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी बनना है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 30 बिलियन डॉलर (लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये) से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। यह नई लैब न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर औद्योगिक क्रांति 4.0 (Industry 4.0) को नई दिशा देगी।
स्रोत: TCS आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति
नोट- इस खबर को बनाने में AI की मदद ली गई है।