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Crude Oil Price Crash: कच्चे तेल में 18% तक की भारी गिरावट, 90 डॉलर के पास पहुंची कीमतें; सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

By Jagran BusinessEdited By: Ankit Kumar Katiyar
Published: Wed, 08 Apr 2026 09:28 PM (IST)

Crude Oil Price Today: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बाद कच्चे तेल ...और पढ़ें

कच्चे तेल में 18% तक की भारी गिरावट, 90 डॉलर के पास पहुंची कीमतें

कच्चे तेल में 18% तक की भारी गिरावट, 90 डॉलर के पास पहुंची कीमतें

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नई दिल्ली| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताने के बाद तेल की कीमतें गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल (Crude Oil Rate Today) के करीब पहुंच गई हैं। यह होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित रूप से फिर से खोलने की शर्त पर किया गया है।

ब्रेंट और WTI में कितनी गिरावट?

ब्रेंट क्रूड वायदा 16 प्रतिशत (Brent Crude Falls 16%) गिरकर 91.80 डालर प्रति बैरल पर आ गया। डब्ल्यूटीआई वायदा (WTI Crude Drops 18%) 18 प्रतिशत गिरकर 92.62 डॉलर (Crude Oil Price Today) पर आ गया।

यूरोपीय बेंचमार्क डीजल की कीमतें 20.8 प्रतिशत गिरकर 1,210.50 डालर प्रति मीट्रिक टन पर आ गईं। विश्व की दैनिक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है।

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होर्मुज स्ट्रेट खोल सकता है ईरान!

ईरान शुक्रवार को अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की बैठक से पहले सीमित और नियंत्रित तरीके से जलडमरूमध्य खोल सकता है। ब्रोकरेज फर्म पीवीएम आयल के विश्लेषक तमास वर्गा ने कहा कि,

सैद्धांतिक रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के पीछे फंसा हुआ 10-13 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल और अन्य उत्पाद अब धीरे-धीरे मुक्त हो जाना चाहिए। मार्च से पहले की स्थिति बहाल होगी या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि वार्ता के दौरान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदला जा सकता है या नहीं।''

एमएसटी मार्की के विश्लेषक साउल कावोनिक ने कहा, ''शांति समझौते के बावजूद, ईरान भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर धमकी दे सकता है और बाजार आगे चलकर होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए बढ़े हुए जोखिम को ध्यान में रखेगा।''

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण तेल की कीमतों में इतिहास में सबसे तेज मासिक वृद्धि हुई, जो 50 प्रतिशत से अधिक थी।

एक्सपर्ट्स ने क्या दी चेतावनी?

LKP सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट जतीन त्रिवेदी ने बताया कि इस शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15 फीसदी की भारी गिरावट आई है। हालांकि, उन्होंने आगाह भी किया कि यह तेजी 'शॉर्ट कवरिंग' की वजह से भी हो सकती है, क्योंकि अभी यह साफ नहीं है कि यह युद्धविराम कितना टिकेगा।

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