Gold Price Fall: सोने में 3 साल की तेजी का अंत! अभी और टूट सकता है भाव; आखिर क्यों चमक खो रहा है गोल्ड?
Gold Price Fall: वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों के सख्त रुख के कारण $4,000 प्रति औंस के आसपास दबाव में हैं। ...और पढ़ें

चमक खो रहा गोल्ड? $4,000 के पास क्यों अटक गई कीमत
HighLights
सोना $4,000 प्रति औंस पर दबाव में, कीमत गिरी।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें गिरावट का मुख्य कारण।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी लंबी अवधि में सोने को दे सकती है सहारा।
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार (Global Market) में सोने (Gold Price) की कीमतें इस समय बेहद अहम स्तर के आसपास ठहरती दिख रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में गोल्ड लगभग $4,000 प्रति औंस (लगभग ₹3,74,685 से ₹3,89,434 ) के स्तर के पास स्थिर है, लेकिन इसके ऊपर मजबूत दबाव बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका।
क्या है कारण?
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। दरअसल, जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है। इसके साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे सोने जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट की आकर्षण क्षमता कम हो जाती है।
नीचले स्तर पर पहुंचा सोना
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, सोना हाल ही में $4,000 (लगभग ₹3,74,685 से ₹3,89,434) के स्तर के नीचे फिसल चुका है, जो पिछले कई महीनों में पहली बार हुआ। यह गिरावट निवेशकों के बदलते रुख को दिखाती है, जहां अब वे ज्यादा रिटर्न देने वाले एसेट्स की और शिफ्ट हो रहे हैं।
अगर हालिया ट्रेंड देखें तो जनवरी 2026 में रिकॉर्ड स्तर करीब $5,600 प्रति (लगभग ₹5,33,028) औंस पहुंचने वाला सोना अब जून तक यह 20% नीचे आ चुका है। यानी अपने उच्चतम स्तर में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
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आगे क्या रहेगा ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने पर दबाब बना रह सकता है। कई संस्थानों ने अपने गोल्ड प्राइस अनुमान भी घटाए हैं। अब 2026 की तीसरी तिमाही में औसत कीमत करीब $4,300 और चौथी तिमाही में $4,600 रहने का अनुमान है।
हालांकि, लंबी अवधि की बात करें तो तस्वीर पूरी तरह नेगेटिव नहीं है। क्रेंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ग्लोबल अनिश्चितता जैसे फैक्टर सोने को सपोर्ट दे सकते हैं, जिससे गिरावट सीमित रह सकती है।