सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Gold Purity Check: 916, 750 या 999 गोल्ड पर लिखे ये नंबर क्या बताते हैं? जानिए कैसे लगाएं असली शुद्धता का पता

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 03:54 PM (GMT+05:30)

    Gold Purity Check: भारत में सोने की शुद्धता पहचानने के लिए BIS हॉलमार्किंग और 916, 750 जैसे नंबरों को समझना जरूरी है। HUID नंबर और BIS Care ऐप के जरिए ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. सोने की शुद्धता BIS हॉलमार्किंग से पहचानें।

    2. 916, 750, 999 नंबर क्या दर्शाते हैं।

    3. HUID नंबर और BIS Care ऐप से जांचें।

    नई दिल्ली: भारत में सोना (Gold) खरीदना सिर्फ एक परंपरा ही नहीं, बल्कि बड़ा निवेश (Investment) भी माना जाता है। लेकिन अक्सर लोग सोने की शुद्धता यानी प्योरिटी (Gold Purity) को लकर भ्रमित रहते हैं। ज्वेलरी पर लिखे छोट-छोटे नंबर- जैसे 916, 750 या 999- असल में क्या बताते हैं, यह समझना बेहद जरूरी है ताकि खरीदारी में धोखा न हो।

    दरअसल, सोने की शुद्धता को पहचानने का सबसे भरोसेमंद तरीका BIS हॉलमार्किंग सिस्टम है। यह प्रणाली Bureau Of Indian Standars द्वारा तय की गई है, जो सोने की क्वालिटी को प्रमाणित करती है।

    नंबर से समझें सोने की असली पहचान

    ज्वेलरी पर अंकित नंबर सोने की फाइननेस यानी उसमें मौजूद शुद्ध सोने की मात्रा को दर्शाते हैं।

    *999: 99.9% शुद्ध सोना (24 कैरेट)
    *916: 91.6% शुद्ध सोना (22 कैरेट)
    *750: 75% शुद्ध (18 कैरेट)
    *585: 58.5% शुद्ध (14 कैरेट)

    इन नंबरों को देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि ज्वेलरी में कितना असली सोना है। विशषज्ञों के मुताबिक, भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमास 22 कैरेट यानी 916 सोने का होता है क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा मजबूती और शुद्धता का संतुलन बेहतर रहता है।


    हॉलमार्क में क्या-क्या देखें?

    असली सोना पहचानने के लिए सिर्फ नंबर ही नहीं, बल्कि पूरा हॉलमार्क देखना जरूरी है। एक सही हॉलमार्क में ये चीजें होती हैं:

    * BIS का लोगो
    * कैरेट/फाइननेस नंबर (जैसे 916)
    * HUID (6 अंकों का यूनिक कोड)
    * ज्वेलर और हॉलमार्किंग सेंटर की पहचान

    HUID नंबर आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे हर ज्वेलरी की यूनिक पहचान होती है और इसे ऑनलाइन भी वेरिफाई किया जा सकता है।

    यह भी पढ़ें: इन ट्रिक्स से बढ़ेगा आपका CIBIL स्कोर, Gen Z और Millennials भी उठा सकते हैं फायदा!

    फर्जी हॉलमार्क से सावधान

    हाल के मामलों में नकली हॉलमार्क वाले सोने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसलिए सिर्फ “916” लिखा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि HUID को वेरिफाई करना भी जरूरी है। इसके लिए उपभोक्ता BIS Care ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां ज्वेलरी की पूरी जानकारी मिल जाती है।

    खरीदारी से पहले क्या करें?

    सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क देखें, बिल जरूर लें और विश्वसनीय ज्वेलर से ही खरीदारी करें। यदि ज्वेलरी पर हॉलमार्क नहीं है, तो उसे BIS मान्यता प्राप्त सेंटर पर टेस्ट भी कराया जा सकता है।

    खबरें और भी