Gold Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने वालों की हुई बल्ले-बल्ले! औंधे मुंह गिरे दाम, जानिए आज कितना सस्ता हुआ गोल्ड?
Gold Silver Rates: आज गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारत में भी 24 कै ...और पढ़ें

Gold Silver price
HighLights
आज गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय बाजारों में दाम नीचे आए हैं।
24 कैरेट सोना ₹1.41 लाख, चांदी ₹2.20 लाख प्रति किलो।
नई दिल्ली: अगर आप भी सोने-चांदी की खरीदारी या (Gold-Silver Price) निवेश (Invest) करने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए आज के दाम जानना जरूरी है। आज यानी गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरवाट देखी गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आज इंटरनेशनल मार्केट से लेकर सर्राफा बाजार में गोल्ड और चांदी के लेटेस्ट भाव क्या चल रहे हैं।
इंटरनेशनल मार्केट के दाम?
इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने और चांदी दोनों की (Gold Silver Price) कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों की मानें तो सोना करीब 0.43% तक गिरा और कीमत 17.40 डॉलर घटकर 4034.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही चांदी (Silver Price) के दाम भी गिरे हैं। चांदी 0.34% घटकर यह 57.235 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
क्या है सोने-चांदी का रेट?
आज भारत में 24 कैरेट सोना (Gold Price) करीब ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 18 कैरेट गोल्ड ₹1.06 लाख प्रति ग्राम के करीब ट्रेंड कर रहा है। अगर चांदी (Silver Price) की बात करें तो इसका भाव ₹2.20 लाख प्रति किलो के बीच बना हुआ है। हाल के दिनों चांदी के भाव में भारी गिरीवट देखी गई है।
| शहर | सोना/10 ग्राम (24K) | सोना/10 ग्राम (22K) | सोना/10 ग्राम (18K) | चांदी प्रति किलो |
| नई दिल्ली | ₹141,230 | ₹130,247 | ₹109,020 | ₹220,240 |
| मुंबई | ₹141,610 | ₹131,476 | ₹108,208 | ₹219,310 |
| पटना | 142,289 | ₹131,578 | ₹109,655 | ₹220120 |
| जयपुर | ₹141,410 | ₹131,126 | ₹108,558 | ₹220, 060 |
| कानपुर | ₹141,517 | ₹130,181 | ₹109,110 | ₹219, 920 |
क्यों बदल रहे हैं दाम?
सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट और उतार-चढ़ाव के पीछे कई बड़े कारण हैं।
* अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी
* अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
* कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
* भू-राजनीतिक तनाव