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Gold Silver Price Today: अमेरिका से खबर आते ही कीमतों में तूफानी तेजी, सोना ₹1.55 लाख के पार, चांदी ₹4400 महंगी

Published: Thu, 03 Sep 2026 06:52 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 03 Sep 2026 07:16 PM (GMT+05:30)

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में 10 दिन की गिरावट के बाद 3 सितंबर को अचानक ...और पढ़ें

ट्रंप के बयान से सोने-चांदी में तूफानी तेजी, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

ट्रंप के बयान से सोने-चांदी में तूफानी तेजी, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| सोने और चांदी में 10 दिन की गिरावट के बाद तूफानी तेजी देखने (gold silver price hike) को मिली। आज यानी 3 सितंबर को शाम 6 बजे के आसपास गोल्ड-सिल्वर में अचानक उछाल आया। ग्लोबल मार्केट में सोना 2.84% उछला और कीमत 125 बढ़कर 4540 डॉलर प्रति औंस (gold silver price today) हो गई। चांदी भी चमकी। कोमेक्स पर चांदी में 2.71% यानी 1.77 डॉलर की तेजी देखने को मिली और कीमत 67 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई।

MCX पर कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?

सोने-चांदी की यह तेजी भारतीय बाजार में भी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 3400 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया और चांदी में भी 4400 रुपए प्रति किलोग्राम का जोरदार उछाल आया।

एमसीएक्स पर शाम 7 बजे तक सोने की कीमत 1,55,401 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम हो गई। इस दौरान इसका हाई लेवल 1,55,798 रुपए (gold rate today) और लो लेवल 1,53,251 रुपए रहा। जबकि पिछले दिन यह 1,52,402 रुपए पर क्लोज हुआ था।

वहीं चांदी 2,39,888 रुपए प्रति किलोग्राम के लेवल पर कारोबार कर रही थी। ट्रेडिंग के दौरान इसका हाई लेवल 2,36,266 रुपए (silver price today) और लो लेवल 2,37,200 रुपए रहा। पिछले कारोबारी सत्र के दौरान यह 2,36,266 रुपए (silver rate today) पर बंद हुई थी।

आखिर क्यों आया जोरदार उछाल?

गोल्ड-सिल्वर में अचानक आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (donald trump on middle east war) का बयान। उन्होंने मिडिल ईस्ट में लंबे सैन्य अभियान से इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा कि, "ईरान पर हालिया अमेरिकी हमले अल्पकालिक रहने की संभावना है।" तेल की हालिया तेजी धीमी पड़ी और महंगाई की चिंताएं कम हुईं, जो सोने पर दबाव बना रही थीं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और महंगाई फिर से बढ़ जाएगी। ऐसे में अमेरिकी सेंट्रल बैंक यानी फेडरल रिजर्व (federal reserve interest rates) ब्याज दरें घटाने से कतरा सकता है।

ऊंची ब्याज दरें सोने के बाजार के लिए बुरी खबर हैं, क्योंकि सोने पर निवेशकों को कोई फिक्स ब्याज नहीं मिलता है। न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने कहा कि टैरिफ का असर कम होने के साथ अमेरिकी महंगाई में नरमी जारी है। ऊंचे ऊर्जा कीमतों का असर अन्य सेवाओं में नहीं फैल रहा।

ADP के आंकड़ों से मिला सहारा

इधर, अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आ रहे सुस्त आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के नरम संकेतों से सोने की कीमतों को जबरदस्त सहारा मिला है। हालिया ADP रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में अमेरिकी कंपनियों ने मात्र 38,000 नई नौकरियां जोड़ी हैं। रोजगार में इस सुस्ती से फेड द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हो गई हैं।

बता दें कि इससे पहले जैक्सन होल मीटिंग में फेड चेयर केविन वॉर्श ने हॉकिश रुख अपनाया था, जिससे दरें बढ़ने का डर सता रहा था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। दूसरी ओर, ट्रंप द्वारा संघर्ष के जल्द खत्म होने के संकेतों और फेड अधिकारियों के महंगाई नरम पड़ने के बयानों ने बाजार को राहत दी है। इन्हीं कारणों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,500 डॉलर के आसपास मजबूती से टिका हुआ है।

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