1 महीने में 17% तक बढ़े चीनी के दाम! अगस्त के लिए भी जारी हुआ कोटा, त्योहारों में मिलेगी पर्याप्त चीनी? मौजूदा कीमत भी जानिए
पिछले एक महीने में चीनी के दाम में करीब 17% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे औसत कीमत ₹3,960 से ₹4,620 प्रति क्विंटल हो गई है। सरकार ने अगस्त के लिए 2.25 मिलि ...और पढ़ें
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तेजी से बढ़ रहे हैं शक्कर के दाम
HighLights
एक महीने में चीनी के दाम 17% तक बढ़े।
अगस्त के लिए 2.25 मिलियन टन चीनी कोटा आवंटित।
सरकार ने चीनी निर्यात पर रोक लगाई, स्टॉक सीमा तय की।
नई दिल्ली| पिछले कुछ दिनों में आपने चीनी की ढेरों खबरें पढ़ी और सुनी होंगी। घरेलू बाजारों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक इसकी चर्चा तेज है। चीनी की आपूर्ति और कीमत को लेकर दुनियाभर के बाजारों में चिंताओं और पूर्वानुमान का दौर है। इसी बीच देश में चीनी की कीमतों (Sugar Price) में भी तेजी देखी गई है। पिछले 1 महीने में चीनी के दाम में करीब 17% की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही अगस्त महीने में उपयोग के लिए घरेलू मासिक कोटा भी आवंटित कर दिया गया है।
कितने पहुंचे चीनी के दाम
चीनी की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। जिसमें निर्यात रोकने और स्टॉक लिमिट तय करने जैसे फैसले शामिल हैं। हालांकि अब तक देश में कहीं भी चीनी के कमी की समस्या देखने को नहीं मिली है, लेकिन पिछले एक महीने में कीमतों में इजाफा देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और मार्केट के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एक महीने में देशभर में चीनी की औसतन कीमतें ₹3,960 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹4,620 प्रति क्विंटल हो गई हैं, जो करीब 16.7% की वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही पिछले सप्ताह कीमतों में 4.3% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
अगस्त महीने के लिए कोटा आवंटित
केंद्र सरकार हर महीने चीनी के घरेलू उपयोग के लिए निश्चित कोटा आवंटित करती है। सरकार सभी चीनी मिल को मासिक बिक्री कोटा आवंटित करती है। अगस्त महीने में देश के कई महत्वपूर्ण त्योहार-पर्व मनाए जाते हैं जिसमें चीनी की मांग बढ़ती है। बता दें कि अगस्त के लिए कोटा 2.25 मिलियन टन रखा है, जो पिछले साल के बराबर ही है।
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सरकार कर रही कीमतें नियत्रिंत करने का प्रयास
केंद्र सरकार की ओर से चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को कंट्रोल करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। 13 मई के बाद से सरकार ने चीनी के विदेशी निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगा दी, इसके अलावा जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने 30 दिनों से अधिक का स्टॉक ना रखने के निर्देश जारी किए हैं।