पहली बार भारत के अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर का हुआ एक्सपोर्ट, किसानों को 120% अधिक मिली कीमत
जम्मू-कश्मीर से पहली बार अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर की 1 मीट्रिक टन खेप संयुक्त अरब अमीरात को निर्यात की ...और पढ़ें

अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर का एक्सपोर्ट
HighLights
जम्मू-कश्मीर से अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर का पहला निर्यात।
संयुक्त अरब अमीरात को भेजी गई 1 मीट्रिक टन फलों की खेप।
किसानों को घरेलू बाजार से 120% तक अधिक कीमत मिली।
नई दिल्ली| भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ये ना सिर्फ घर में यूनिट लगाकर फूड प्रोसेस करने वालों के लिए खुशी की बात है, बल्कि बागवानी किसानों के लिए भी फायदेमंद है। अब कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने पहली बार जम्मू-कश्मीर से प्रीमियम अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर की खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजने में मदद की है।
1 मीट्रिक टन फल की खेप का निर्यात
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिलीज के अनुसार, अरेको चेरी और सेंट्रोज बेर जैसे फलों को जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों के किसानों से खरीदा गया था। उसके बाद अबू धाबी और दुबई के बाजारों भेजा गया। इसकी कुल मात्रा एक मीट्रिक टन बताई गई। इस प्रयास के बाद किसानों की अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने और उनकी आय में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास
इस उपलब्धि पर किसानों और निर्यातकों को बधाई देते हुए APEDA के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा, "जम्मू और कश्मीर उत्कृष्ट बागवानी उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें निर्यात की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। APEDA एक्सपोर्ट प्रमोट करने वाली पहलों, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक खरीदारों तक पहुंच के माध्यम से किसानों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश कर रहा है। UAE को अरेको चेरी और सेंट्रोज़ बेर का एक्सपोर्ट भारत के अच्छी क्वालिटी के फलों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है। और उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, साथ ही बेहतर कीमत मिलने से उनकी आय में भी इजाफा होगा।
जम्मू-कश्मीर के बागों से वैश्विक बाजारों तक नई उड़ान!
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 4, 2026
शोपियां और पुलवामा की प्रीमियम Areko Cherries और Scentrose Plums की पहली निर्यात खेप अबू धाबी और दुबई के लिए रवाना हुई। यह उपलब्धि भारतीय फलों की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के साथ जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र के लिए नए… pic.twitter.com/kms0y6ARmM
120 फीसदी अधिक मिली कीमत
निर्यात पहल से किसानों को जरूरी लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें प्रीमियम इंटरनेशनल मार्केट्स तक पहुंच मिलेगी औरअच्छे दाम मिलेंगे। जानकारी के मुताबिक, एक्सपोर्ट करने वाले उत्पादकों को चेरी पर घरेलू बाजार की मौजूदा कीमतों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत और बेर पर 120 फीसदी अधिक कीमत मिली।
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इस सफल शिपमेंट से शोपियन और पुलवामा के उत्पादकों के लिए निर्यात के नए अवसर पैदा होने, और जम्मू-कश्मीर के प्रीमियम स्टोन फ्रूट्स को ग्लोबल मार्केट में और अधिक मजबूत करने की उम्मीद है।
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