अब शेयर्स की तरह खरीद पाएंगे सोना, इधर बेचो, उधर खरीदो; कीमत बढ़ते ही ऐसे भरेगी आपकी जेब!
NSE EGR Launch: एनएसई ने 18 मई से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) लॉन्च किया है, जिससे अब शेयर की तरह डिजिटल रूप में सोना खरीदा और बेचा जा सकेगा। यह SE ...और पढ़ें

EGR NSE Price: एनएसई पर शुरू हुई इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट की ट्रेडिंग, खरीदें या नहीं और क्या हैं फायदे-नुकसान?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 18 मई से निवेश का एक नया दौर शुरू हो गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट लॉन्च (NSE EGR Launch) कर दिया है। अब आप शेयर्स की तरह ही बेहद आसानी से डिजिटल रूप में सोना खरीद और बेच सकेंगे। यह डिजिटल सोना पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसके पीछे सेबी (SEBI) से मान्यता प्राप्त सुरक्षित तिजोरियों (Vaults) में असली फिजिकल सोना जमा रहेगा।
क्या है ट्रेडिंग टाइमिंग और सेटलमेंट? (EGR trading timings India)
EGR में ट्रेडिंग का समय सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:00 बजे से रात 11:30 बजे तक होगा। वहीं अमेरिकी डेलाइट सेविंग के दौरान यह समय रात 11:55 बजे तक बढ़ जाएगा। इसका सेटलमेंट T+1 (T+1 Gold Settlement) साइकिल के तहत होगा, यानी आज खरीदे गए सोने की ओनरशिप आपके डीमैट अकाउंट में अगले ही दिन ट्रांसफर हो जाएगी।

क्या होता है यह गोल्ड EGR? (What iss EGR)
आसान भाषा में समझें तो EGR असली सोने का एक डिजिटल प्रूफ या सर्टिफिकेट है। आप जो भी डिजिटल सोना खरीदेंगे, वह आपके डीमैट अकाउंट में दिखाई देगा। इसका मैनेजमेंट पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त वॉल्ट प्रोवाइडर्स द्वारा किया जाएगा।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप मात्र 100 मिलीग्राम, 1 ग्राम (Buy 1 Gram Gold Online), 10 ग्राम, 100 ग्राम या 1 किलोग्राम जैसे छोटे-बड़े डिनॉमिनेशन (मात्रा) में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए भारी-भरकम रकम की जरूरत नहीं है।
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EGR के फायदे और नुकसान
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और समृद्धि का प्रतीक है। लेकिन असली सोना खरीदने पर शुद्धता की चिंता, चोरी का डर, भारी मेकिंग चार्ज और लॉकर का झंझट हमेशा बना रहता है। EGR इन सभी समस्याओं को चुटकियों में खत्म करता है। इसमें शुद्धता की पूरी गारंटी होती है।
हालांकि, इसके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। इस समय बाजार में लिक्विडिटी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। साथ ही, अभी सभी ब्रोकर प्लेटफॉर्म्स ने इसे पूरी तरह अपने सिस्टम में शामिल नहीं किया है, जिससे निवेशकों की पहुंच अभी थोड़ी सीमित है। इसके अलावा, भारतीयों में आज भी सोने को छूकर और अपने पास रखने की पुरानी आदत है, जिसे बदलना एक बड़ी चुनौती होगी।
Press Release: NSE Commences Trading in Electronic Gold Receipts (EGRs)
— NSE India (@NSEIndia) May 18, 2026
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खरीदें या नहीं, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
फाइनेंस एक्सपर्ट सीए लावन्या मोहन ने सोशल मीडिया पर समझाया कि EGR दूसरे डिजिटल गोल्ड ऑप्शंस से अलग और बेहतर है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर इसे आप कभी भी असली फिजिकल सोने में बदलवा (Redeem) सकते हैं।
खर्चों की बात करें तो EGR पर कोई अलग से टैक्स छूट नहीं मिलती है। जब आप इसकी फिजिकल डिलीवरी लेंगे, तो उस स्टेज पर आपको 3% GST देना होगा। इसके अलावा, वॉल्ट में सोना सुरक्षित रखने के लिए आपको बैंक लॉकर की तरह ही मामूली स्टोरेज चार्ज भी देना होगा।
अगर आप पूरी सुरक्षा, शुद्धता और फ्लेक्सिबिलिटी के साथ सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो सेबी द्वारा रेगुलेटेड EGR आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।