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सिर्फ 1 महीने में प्याज 30% महंगा, सालों बाद किसानों को मिल रहा महंगाई का फायदा! किस राज्य में कितने में बिक रहा कांदा?

Published: Wed, 09 Sep 2026 01:27 PM (IST)

मार्केट में प्याज की थोक कीमतें एक महीने में 30% बढ़ी हैं, सितंबर 2026 में औसत कीमत ₹4,202.49 प्रति क्विंटल ...और पढ़ें

प्याज की बढ़ती कीमतों का फायदा किसानों को

प्याज की बढ़ती कीमतों का फायदा किसानों को

HighLights

  1. प्याज की थोक कीमतें एक महीने में 30% बढ़ीं।

  2. सितंबर में औसत कीमत ₹4,202.49 प्रति क्विंटल हुई।

  3. किसानों को सालों बाद उपज का अच्छा दाम मिल रहा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| मार्केट में प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत नहीं मिल रही है। सितंबर 2026 के दौरान प्याज की थोक कीमतों में रिमार्केबल तेजी दर्ज की गई है। राज्यवार थोक मूल्य विश्लेषण (WPI) के मुताबिक प्याज की औसत कीमत ₹4,202.49 प्रति क्विंटल पहुंच गई है, जो अगस्त महीने में ₹3,235.10 प्रति क्विंटल थी। सिर्फ 1 महीने में प्याज की कीमत में औसतन करीब 30 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।

8 सितंबर को लासलगांव मंडी में प्याज की कीमत की बात करें तो न्यूतम मूल्य ₹1,200 प्रति क्विंटल, औसतन ₹4,400 प्रति क्विंटल और अधिकतम ₹5,000 प्रति क्विंटल दाम रहा। इसके अलावा सबसे ज्यादा थोक दाम मणिपुर में दर्ज किया गया, जहां प्याज ₹6,082.30 प्रति क्विंटल बिक रहा है। इसके अलावा मेघालय में ₹6,028.85, केरल में ₹5,841.77, तमिलनाडु में ₹5,707.81 और जम्मू-कश्मीर में ₹5,353.20 प्रति क्विंटल का ऊंचा दाम बना रहा।

1 महीने में इन राज्यों में बढ़े सबसे अधिक दाम

राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो पिछले महीने के मुकाबले इस महीने सबसे अधिक उछाल गुजरात  में आया है। गुजरात में प्याज के दामों में मासिक बढ़ोतरी 50.1% तक देखी गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 45.4%, पंजाब में 43.3%, महाराष्ट्र में 43.3%, चंडीगढ़ में 44.2% और जम्मू-कश्मीर में 41.9% फीसदी की तेजी देखने को मिली।

1 साल में इन राज्यों में सबसे अधिक उछाल

सालाना आधार पर भी प्याज की कीमतों में तगड़ी उछाल देखी गई है। सितंबर 2025 के मुकाबले इस साल आंध्र प्रदेश में प्याज के थोक दाम 536.5 प्रतिशत तक बढ़े हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 338.8 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 264.2 प्रतिशत और महीने में सबसे तेज बढ़ोतरी वाले गुजरात में सालाना आधार पर 257.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कर्नाटक में 243.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि पिछले साल की तुलना में बाजार में प्याज काफी महंगा हुआ है।

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सालों बाद किसानों को मिला सीधा फायदा

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन के अध्यक्ष भारत दिघोले ने जागरण बिजनेस को बताया कि प्याज की प्याज की बढ़ी कीमतों का असर ये रहा कि सालों बाद किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिल रहा है।

सरकारी एजेंसियों को बेचने की बजाय सीधे मंडियों में बिक्री के कारण किसानों को फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि NAFED और NCCF को नहीं बेचने का आग्रह किया था क्योंकि हमें पता था कि सरकार इस प्याज का इस्तेमाल बाजार में दाम गिराने के लिए करेगी। इससे किसानों को भारी नुकसान होता, किसानों का यह फैसला सही रहा और उन्हें बेहतर दाम मिल रहे हैं।