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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Health Insurance में क्यों जरूरी होता है OPD Coverage, इससे कितना होता है फायदा, जानिए पूरी डिटेल

    By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Sat, 14 Oct 2023 07:28 PM (IST)

    Health Insurance हम कभी भी बीमार पड़ सकते हैं। इसके लिए हेल्थ इंश्योरेंस होना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास अभी हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है तो आपको जल्द से ...और पढ़ें

    Health Insurance में क्यों जरूरी होता है OPD Coverage
    Health Insurance में क्यों जरूरी होता है OPD Coverage

    HighLights

    1. Health Insurance में OPD Coverage जरूरी होता है।
    2. ओपीडी कवरेज में छोटी बीमारी भी कवर होती है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। वैसे तो कोई भी बीमार होना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अपनी मेडिकल एक्सपेंस को कवर करने के लिए लोग हेल्थ इंश्योरेंस करना काफी पसंद करते हैं। देश में कई कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा देती है। आप जब भी हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो आपको ध्यान रखने होगा कि आपको किसमें कवरेज मिल रहा है।

    कई हेल्थ पॉलिसी में सर्जरी, अस्पताल में भर्ती और कई मेडिकल एक्सपेंस को कवर करती है। वैसे आप अपने हिसाब से बीमा पॉलिसी में कवरेज को ऐड-ऑन करवा सकते हैं। आप ओपीडी (आउट पेशेंट विभाग) कवरेज को भी ऐड कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि ओपीडी कवरेज हेल्थ इंश्योरेंस में क्यों जरूरी है।

    ओपीडी कवरेज क्या है?

    ओपीडी कवरेज को भी आप हेल्थ इंश्योरेंस में ऐड करवा सकते हैं। यह अस्पताल में भर्ती होने से पहले के इलाज के खर्चों को कवर करती है। उदाहरण के तौर पर अगर आप खांसी या फिर माइग्रेन जैसी बीमारी के इलाज के लिए ओपीडी में इलाज करवाते हैं तो इस इलाज के भी खर्चों को ओपीडी कवरेज में कवर किया जाता है। अगर आपके हेल्थ इंश्योरेंस में ओपीडी कवरेज नहीं होता है तो आपको ओपीडी के खर्चों को खुद ही भुगतान करना होगा।

    दरअसल, आउटपेशेंट विभाग में छोटी बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसमें मरीज को अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा अगर किसी बीमारी के लिए आपको नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाते हैं या कोई दवाइयां लेते हैं तो यह भी ओपीडी में शामिल होता है।

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    ओपीडी कवरेज कितने प्रकार की होती है

    हेल्थ इंश्योरेंस में आपको दो तरह की ओपीडी कवरेज मिलती है।

    ओपीडी राइडर

    ओपीडी राइडर में आप अपने वर्तमान के हेल्थ इंश्योरेंस में ओपीडी कवरेज को ऐड-ऑन कर सकते हैं। इसके लिए आपको अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना होता है। ओपीडी राइडर में आपको अपनी बीमारी के इलाज के लिए बिल जमा करना होगा।

    ओपीडी कैश बेनिफिट

    हेल्थ इंश्योरेंस में आप एक्स्ट्रा प्रीमियम का भुगतान करके ओपीडी कवरेज को पॉलिसी में जोड़ सकते हैं। इसमें आप कैश बेनिफिट का भी लाभ पा सकते हैं। इसमें आपको कोई ट्रीटमेंट पर एक फिक्स्ड राशि दी जाती है।

    ओपीडी कवरेज के फायदे

    मेडिकल खर्चों को कम करता है

    हेल्थ इंश्योरेंस में ओपीडी कवरेज शामिल होने के बाद आपका मेडिकल एक्सपेंस कम हो जाता है। इस के अलावा पॉलिसी होल्डर भी नियमित मेडिकल खर्चों का ध्यान रख सकते हैं।

    पूर्ण रूप से मेडिकल सेवा

    हेल्थ इंश्योरेंस में ओपीडी कवरेज की सुविधा एक तरह से आपको पूरी तरह से मेडिकल सर्विस का लाभ देती है। हम सभी जानते हैं कि आज के समय में हेल्थ कितना जरूरी हो गया है। ओपीडी कवरेज में डॉक्टर कंस्लटेशन, दवाएं आदि को कवर किया जाता है। इसमें वायरल बुखार जैसे छोटी बीमारियों को कवर किया जाता है।

    केयर कवरेज

    हम सभी को पता है कि रोकथाम इलाज से बेहतर है। इस कारणवश कहा जाता है कि हर व्यक्ति को साल में एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप करवाना चाहिए। हेल्थ इंश्योरेंस में आपको फुल बॉडी चेकअप जैसे लाभ मिलते हैं। ओपीडी कवरेज में स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसे खर्चों को भी शामिल किया जाता है। इस तरह आप हेल्थ इंश्योरेंस में फुल बॉडी केयर का लाभ पा सकते हैं।

    टैक्स बेनिफिट

    कई हेल्थ इंश्योरेंस में आपको टैक्स बेनिफिट का लाभ मिलता है। आप आयकर अधिनियम 1961 के 80डी के तहत कर कटौती का लाभ पा सकते हैं।

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    ओपीडी कवरेज के नुकसान

    • ओपीडी कवरेज का अपने हेल्थ इंश्योरेंस में शामिल करने के लिए आपको उच्च प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है।
    • ओपीडी कवरेज में कई बीमारियों को कवर नहीं किया जाता है।
    • ओपीडी कवरेज में कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे कई ट्रीटमेंट को शामिल नहीं किया जाता है।