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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ITR Filing करने का आज है आखिरी दिन, रिटर्न फाइल करते समय जरूरी बातों का रखें ध्‍यान

    Updated: Wed, 31 Jul 2024 12:07 PM (IST)

    ITR Filing करने के लिए करदाताओं के पास केवल आज का ही समय है। जी हां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के हिसाब से सभी करदाता को 31 जुलाई 2024 तक रिटर्न फाइल करना ...और पढ़ें

    छोटी की गलती से रिजेक्ट हो सकता है ITR
    छोटी की गलती से रिजेक्ट हो सकता है ITR

    HighLights

    1. आईटीआर फाइलिंग के समय सही आईटीआर फॉर्म सेलेक्ट करना जरूरी है।
    2. आईटीआर में गलत जानकारी देने से रिटर्न खारिज हो सकता है।

     बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing) करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 यानी कि आज है। अभी भी कई टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल नहीं किया है। अगर आप भी आज रिटर्न फाइल करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए है।

    आपको बता दें कि अगर आप आईटीआर फाइल करते समय एक छोटी सी भी गलती कर देते हैं तो आपक रिटर्न खारिज हो सकता है या फिर आयकर विभाग की तरफ से टैक्स नोटिस (Income Tax Notice) भी आ सकता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    ध्यान रखें ये बातें

    • आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि आप विभाग द्वारा तय समयसीमा के भीतर ही रिटर्न फाइल करें। अगर आप समयसीमा के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको जुर्माना और ब्याज देना पड़ सकता है।
    • इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय सही आईटीआर फॉर्म (ITR Form) सेलेक्ट करना बेहद जरूरी है। टैक्सपेयर्स को टैक्स स्लैब और इनकम सोर्स के आधार पर ही रिटर्न फाइल करना चाहिए।
    • इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले करदाता को सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे- फॉर्म 16, TDS सर्टिफिकेट, इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट आदि को इकट्ठा कर देना चाहिए।
    • रिटर्न फाइल करने से पहले टैक्सपेयर को टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट (फॉर्म 26AS) को जरूर चेक करना चाहिए। अगर फॉर्म-16, टीडीएस सर्टिफिकेट या फिर फॉर्म 26AS में कोई बेमेल जानकारी है तो उसे हल किया जाना चाहिए।

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    • आईटीआर में आप सैलरी, ब्याज, रेंट इनकम, कैपिटल गुड्स या फिर कोई और इनकम सोर्स की जानकारी अवश्य दें। अगर आप कोई भी इनकम सोर्स की जानकारी छुपाते हैं तो आपको आयकर विभाग द्वारा नोटिस मिल सकता है।
    • आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C, 80D, 80G आदि के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ जरूर उठाएं। टैक्स डिडक्शन का लाभ उठाने से पहले इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि आपके पास क्लेम से संबंधित उचित दस्तावेज होने चाहिए।
    • अगर टैक्सपेयर के पास कोई विदेशी संपत्ति या फिर विदेश से इनकम आती है तो आईटीआर में इसकी जानकारी अवश्य दें। अगर करदाता ऐसा नहीं करते हैं तो जुर्माना लग सकता है।
    • इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद उसे ई-वेरिफाई (E-Verify) जरूर करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आईटीआर को अमान्य माना जाएगा।
    • ई-वेरिफाई होने के बाद एक्नॉलेजमेंट रिसिप्ट(ITR-V) को सुरक्षित रखें। यह भविष्य में अनुपालन जांच में काम आ सकता है।

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