सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Income Tax Return फाइल करते समय जरूरी होता है ITR Form, आपके लिए कौन-सा फॉर्म रहेगा परफेक्ट?

    Updated: Thu, 20 Jun 2024 08:53 AM (IST)

    ITR Filling Process आईटीआर फाइल करते समय सही आईटीआर फॉर्म सेलेक्ट करना बहुत जरूरी होता है। अगर सही रिटर्न फॉर्म का सेलेक्शन नहीं करते हैं तो विभाग द्व ...और पढ़ें

    आपके लिए कौन-सा आईटीआर फॉर्म रहेगा सही?
    आपके लिए कौन-सा आईटीआर फॉर्म रहेगा सही?

    HighLights

    1. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 है।
    2. आईटीआर फाइल करते समय सही आईटीआर फॉर्म का चयन करना बहुत जरूरी है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। How to File ITR: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (Income Tax Return) करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2024 है। वैसे तो टैक्सपेयर्स के पास रिटर्न फाइल करने के लिए काफी समय है।

    लेकिन, अगर आप पहली बार रिटर्न फाइल (ITR Filling) कर रहे हैं तो आपको जरूर जान लेना चाहिए कि आपके लिए कौन-सा आईटीआर फॉर्म सही है।

    करदाता को आईटीआर फॉर्म 1 और आईटीआर फॉर्म 2 के बीच का अंतर अवश्य मालूम होना चाहिए। दरअसल, इनकम और टैक्स स्लैब के हिसाब के ही आईटीआर फॉर्म का चयन किया जाता है। इनकम टैक्स में कुल 6 तरह के आईटीआर फॉर्म (Types of ITR Form) भरे जाते हैं, लेकिन आईटीआर फॉर्म में ITR1, ITR2, ITR3 और ITR4 बहुत जरूरी होता है।

    आइए, जानते हैं कि किन करदाता को कौन-सा आईटीआर फॉर्म फिल करना चाहिए।

    आईटीआर फॉर्म-1

    आईटीआर फॉर्म-1 बहुत सिंपल फॉर्म है। अधिकतर सैलरीड पर्सन रिटर्न फाइल करने के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। आईटीआर फॉर्म-1 का उपयोग वह करदाता करते हैं जिनका इनकम सोर्स सैलरी, पेंशन, होम असेट्स और कोई सोर्स है।

    एक बात का ध्यान रखें कि जिन करदाता की सैलरी 50 लाख रुपये से ज्यादा होती है वह आईटीआर फॉर्म-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। वहीं, अगर एग्लीकल्चर इनकम 5 हजार रुपये से ज्यादा होती है तब भी फॉर्म-1 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

    आईटीआर फॉर्म-2

    50 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले टैक्सपेयर आईटीआर फॉर्म-2 भरते हैं। इस फॉर्म का इस्तेमाल वह करदाता करते हैं जिन्होंने नॉन-लिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया है या फिर जिनकी इनकम कैपिटल गेन्स से होती है।

    अगर किसी करदाता की कमाई प्रॉपर्टी असेट, विदेश संपत्ति से होती है तब भी वह इस फॉर्म का इस्तेमाल करेंगे। आपको बता दें कि कई वेतनधारक व्यक्ति और पेंशनधारक करदाता भी इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।

    यह भी पढ़ें- हर महीने 7,500 रुपये के निवेश के बाद आप भी बन सकते हैं करोड़पति, बस बनाए रखना होगा धीरज

    आईटीआर फॉर्म-3

    आईटीआर फॉर्म-3 का इस्तेमाल केवल वह करदाता करते हैं जो बिजनेस या फिर किसी दूसरे प्रोफेशन से कमाई करते हैं। अगर आप छोटा सा भी बिजनेस चलाते हैं तब आपको आईटीआर फॉर्म-3 का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा फ्रीलांसर को भी आईटीआर फॉर्म-3 भरना होता है।

    खबरें और भी

    आईटीआर फॉर्म-4

    आईटीआर फॉर्म-4 का इस्तेमाल वह बिजनेसमैन व्यक्ति करता है जिसकी इनकम 50 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये तक होती है। आईटीआर फॉर्म-4 को काफी फेमस फॉर्म भी माना जाता है।

    गलत आईटीआर फॉर्म भरा तो क्या होगा?

    अब सवाल आता है कि अगर गलती से गलत आईटीआर फॉर्म भर दें तो क्या होगा? अगर आईटीआर फॉर्म 1 की जगह आईटीआर फॉर्म 2 पर रिटर्न फाइल कर देते हैं तो पहले रिटर्न फाइल का काम पूरा नहीं होगा।

    ऐसा भी हो सकता है कि आयकर विभाग द्वारा आईटी नोटिस (Income Tax Notice) आ जाए। इस वजह से टैक्स एक्सपर्ट भी सलाह देते हैं कि हमेशा सही आईटीआर फॉर्म का चयन करना चाहिए।

    यह भी पढ़ें- कितनी बार करवा सकते हैं PPF Extension? जानिए इस स्‍कीम से जुड़े नियम