नोएडा में ‘जागरण बदलाव’ के पांचवें संस्करण का सफल आयोजन, MSME और स्टार्टअप के लिए ज्ञानवर्धक समारोह
जागरण बदलाव का पांचवां संस्करण नोएडा में आयोजित हुआ, जिसमें MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए। इस ज्ञानवर्धक समारोह में MSME और स् ...और पढ़ें

HighLights
नोएडा में 'जागरण बदलाव' का पांचवां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित।
MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने यूपी के विकास में MSME का योगदान बताया।
उत्कृष्ट MSME को पुरस्कृत किया गया, कई ज्ञानवर्धक सत्र हुए।
नई दिल्ली। जागरण बदलाव का पांचवां संस्करण 29 जुलाई को नोएडा सेक्टर 18 के रेडिशन होटल में आयोजित किया गया, जहां MSME से जुड़े व्यापारी, अधिकारी, मंत्री और उद्योग के विशेषज्ञ मौजूद थे। लगभग चार घंटों तक चलने वाला यह समारोह ज्ञानवर्धक था, जिसमें स्पीकर्स के महत्वपूर्ण इनसाइट थे। इस साल की थीम थी - भारत की ग्रोथ के अगले अध्याय को शेप देना।
समारोह में आमंत्रित उत्तर प्रदेश के MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "किसी भी राज्य का विकास अकेले सरकार नहीं कर सकती, उसमें सबका योगदान होना चाहिए। आज अगर उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है, तो उसमें उद्यमियों, व्यापारियों और आम जनता का बहुत बड़ा योगदान है। उत्तर प्रदेश में लगभग 90 लाख MSME यूनिट है, जिनसे करीब 3.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। यह क्षेत्र यूपी के विकास की असली रीढ़ है।"
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भूपेंद्र चौधरी आगे कहते हैं, “उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला प्रदेश है और इसकी प्रगति देश के विकास के लिए जरूरी है। एक मजबूत उत्तर प्रदेश का मतलब है एक मजबूत भारत।"
जागरण बदलाव के इस नए संस्करण में बेहतर काम करने वाले MSME को पुरस्कृत भी किया गया। इसमें शामिल हैं -

एडिटर चॉइस अवार्ड मेड-इन-इंडिया इनोवेशन- आयुषी जैन, फाउंडर एंड पार्टनर, DryM Foods
एडिटर चॉइस अवार्ड रूरल एंटरप्रेन्योरशिप एंड कम्यूनिटी इंपैक्ट - पूजा शर्मा, एग्रीप्रेन्योर और फाउंडर, Kshitiz Millets
बेस्ट ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट ऐप- Lemonn

जागरण बदलाव का मकसद MSME से जुड़े व्यापारियों को सशक्त बनाना है। एक्सपर्ट की मदद से उन्हें नियमों, सरकारी पहलों और फाइनेंशियल व कैपिटल मार्केट के बारे सही जानकारी देना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण सेशन रखे गए, जिनके विषय MSME की समस्याओं और उनकी ग्रोथ से जुड़े थे।

पहला सेशन- भारत के MSME को विश्व के लिए तैयार करना। इसमें निर्यात के लिए प्रोडक्ट बनाना, ब्रांड बिल्डिंग, प्रोडक्ट इनोवेशन, पैकजिंग और डिजाइन, ग्लोबल मार्केट एक्सेस जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

दूसरा सेशन - टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस दौर में MSME और स्टार्टअप को कैसे तैयार किया जाए। इसमें AI, ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी, ओएनडीसी, डिजिटल कॉमर्स, डिजिटल पेमेंट जैसे विषय कवर किए गए।

तीसरा सेशन - भारत की ग्रोथ में महिलाओं का योगदान और बतौर महिला उद्यमी कैसे उन्हें सशक्त किया जाए। इसमें महिलाओं के नेतृत्व में चलने वाले इंटरप्राइजेज का आर्थिक विकास में योगदान और महिला फाउंडर्स को सपोर्ट करने वाले इकोसिस्टम की बात की गई।
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चौथा सेशन - क्या एक MSME, आईपीओ लॉन्च करके मार्केट में लिस्ट हो सकता है। इसमें कैसे MSME आईपीओ से पैसे उठा सकता है, SME IPO बनाम Main Board IPO में क्या अंतर है, आईपीओ के लिए गवर्नेंस और कंप्लायंस क्या है? इस पर चर्चा की गई।